अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस .नारी का सम्मान जहां है संस्कृति का उत्थान वहा है -गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा

भोपाल. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में बदला बदला सा नजारा दिखा मध्य प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के शासकीय आवास में आज गृहमंत्री की कुर्सी में एक महिला कॉन्स्टेबल बैठी

शहर की कुछ क्रियेटिव महिलाओं “असमी” – अनोखा उत्सव ” रंगोली वस्त्रम “

ग्वालियर- सोलह राज्यों की हंडलूम साड़ी के बारे में जानकारी के साथ उसे सुंदर तरीक़े से पहनकर रैंम्प वाक के द्वारा संस्था सदस्यों ने प्रदर्शित किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केबिनेट

बुन्देलखंड एक्सप्रेस की संचालन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी थी महिलाओं के कंधे पर, 7 मिनट पहले पहुंची ट्रेन

ग्वालियर. सोमवार की सुबह आंखें गढ़ाकर महिलाओं को घूर घूर देख रहे थे यात्री और प्लेटफार्म पर घूमने वाले और कुछ लोगों ने आश्चर्य भरी नजरों को देखा तो नजारा था ग्वालियर के प्लेटफॉर्म नम्बर 4 पर सुबह 8

12वीं की छात्रा VIP रोड से बड़े तालाब में कूदी, गोताखोरों ने बचाया; रोते हुए हाथ जोड़कर बोली- पढ़ाई के तनाव में हूं

भोपाल में 12वीं की एक छात्रा को VIP रोड से बड़े तालाब में छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश करने का लाइव वीडियो सामने आया है। तालाब के दूसरे किनारे पर बैठे गोताखोर जब तक समझ पाते लड़की ने छलांग लगा दी।

बैसली डैम की दुर्दशा 80 हजार लोगों की प्यास बुझाने वाला डैम रीता, तड़पकर मर गईं हजारों मछलियां

गोहद नगर के 80 हजार लोगों की प्यास बुझाने वाला बैसली डैम मार्च माह में ही पूरी तरह से सूख चुका है। नगर के लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। डैम में पानी न होने से मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों

अब शिंदे की छावनी में आया सीवर का पानी, लाेग उबालकर पीने पर मजबूर

गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में गंदा और सीवरयुक्त पानी सप्लाई होने की समस्या बढ़ती जा रही है। उपनगर ग्वालियर में रविवार को शिंदे की छावनी इलाके में भी नलों से गंदा पानी आने के कारण लोग परेशान हो गए। य

ट्रैफिक-पार्क के साथ व्यवस्थाओं में हो सुधार नगर निगम में मिले समय पर काम की गारंटी

लाेग शहर की बिगड़ी हुई ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार सबसे पहले चाहते हैं। शहर के एंट्री प्वाइंट से हर क्षेत्र तक सफाई व व्यवस्थित पार्किंग व सुविधाएं भी लोगों की चाहत है। लोगों ने इन बातों को रविवार को

ये शर्म की बात है:एक साल में छेड़छाड़ की 394 घटनाएं इनमें 56 प्रतिशत पीड़िताएं नाबालिग

बालिकाओं और महिलाओं से अपराधाें में ग्वालियर ने प्रदेश के दाे बड़े शहर इंदौर और भोपाल काे भी पीछे छोड़ दिया है। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक पिछले एक साल में ग्वालियर में 2871 महिला अपराध दर्ज किए गए। ज

ग्वालियर के 66 वार्डों में 1000 पुरुषाें पर सिर्फ 887 महिला वाेटर, जबकि भोपाल में 925 और इंदाैर में सबसे ज्यादा 956

नगर सरकार के लिए अभी तारीखें तय नहीं हुईं हैं लेकिन मतदाता सूची फाइनल हो चुकी है, लेकिन नगर सरकार को चुनने में ग्वालियर में महिला मतदाताओं की भागीदारी प्रदेश के इंदाैर और भाेपाल की तुलना में कम रहे

इन नौ प्लेटफॉर्म्स पर जाकर महिलाएं कुछ ही मिनटों में पा सकती हैं हर तरह की मदद

महिला सेफ्टी को लेकर सोशल पुलिसिंग के साथ सरकार भी आगे आई है। मदद के लिए महिलाएं ऑनलाइन ही संपर्क कर सकती हैं। कई एप्लीकेशन भी आ गए हैं, जिन्हें सावधानी के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। आंकड़े बताते

ग्वालियर की पहली महिला मंडली 16 साल से घर-घर जाकर कर रहीं सुंदर कांड और अखंड रामायण पाठ

बात जब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सशक्तीकरण की हो रही है तो ग्वालियर के महिला मंडल को कैसे भूला जा सकता है। शहर में बीते 16 साल से महिलाओं की एक मंडली घर-घर जाकर संगीतमय सुंदरकांड पाठ, अखंड

राष्ट्रपति का सुझाव-सिंगौरगढ़ को नेशनल ट्राइबल हब बनाएं, राष्ट्रपति कोविंद ने 30 करोड़ की लागत से किले के संरक्षण कार्य का शिलान्यास किया

जिले के इतिहास में रविवार का दिन खास उपलब्धि के लिए दर्ज हो गया। ऐसा पहली बार हुआ जब दमोह की धरती पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे और उन्होंने सिंगौरगढ़ के किले के संरक्षण कार्य के शिलान्य

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस CM की सुरक्षा से लेकर ड्राइवर तक का जिम्मा महिलाओं के पास, मुख्यमंत्री बोले- कई बार जो पुरुष की अकड़ रहती है कि मैं श्रेष्ठ हूं, उसे निकालना है

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर CM शिवराज सिंह चौहान सोमवार 8 मार्च को सुबह 7 बजे नेहरू नगर चौराहे पर महिला सफाईकर्मियों के पास पहुंच गए। उनकी ड्यूटी में तैनात ड्राइवर, PSO महिलाएं थीं। नेहरू नगर चौराह

वर्कफ्रॉम होम करते हुए 600 रुपए से शुरू किया स्टार्टअप, अब हर माह एक लाख की कमाई, सेलेब्रिटीज भी कर रहे प्रमोशन

26 साल की उन्नति चौकसे। मुंबई की निजी कंपनी में टीम मैनेजर हैं। माता-पिता भी बिजनेस मैन हैं। इसलिए खुद भी खुद का स्टार्टअप शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहती थीं। लॉकडाउन में उन्नति को भी वर्कफ्रॉम होम

डाबर और पतंजलि ग्वालियर अंचल में यूनिट लगाने पर सहमत, किसानों को दिया कंपनियों से जुड़ने का ऑफर\

डाबर और पतंजलि जैसी कंपनियों ने ग्वालियर-चंबल अंचल में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में रुचि दिखाई है। इन कंपनियों को शहद, आलू, टमाटर और अमरूद से उम्मीद है। कंपनियों ने किसानों को सीधे उनसे जुड़ने को