भारत का है डरावना किला, जिसके अन्दर सैकड़ों सुरंगें है जिसमें आज भी लोग जाने से डरते हैं
एनएमटी न्यूज डेस्क. भारत प्राचीनकाल में राजे राजवाड़ों का देश रहा है जिन्होंने अपनी शानो शौकत दिखाने ओर सुरक्षा के लिये कई किलों का निर्माण करवाया है।
पटना. राजाओं और सुल्तानों की तरफ से बनाये गये कई किले विभिन्न कारणों से प्रसिद्ध रहे। इनमें से कई किले ऐसे है जिन्हें रहस्यमयी माना जाता है और उनमें घुसने से लोग आज भी डरते है। ऐसा ही एक किला बिहार में भी जिसके बारे में आज आपको विस्तार से बताते हैं।
बिहार में बना है शेरगढ़ का किला
र्ष 1945 में शेरशाह सूरी का निधन हो गया। ऐसा कहा जाता है कि वर्ष 1576 में मुगलों ने इस किले पर हमला करके वहां रह रहे शेरशाह सूरी के परिजनों और सैकड़ों सैनिकों को बेरहमी से मार कर किले पर कब्जा कर लिया था। शेरशाह का बेशकीमती खजाना भी इस किले में छिपा है लेकिन आज तक कोई भी उसे ढूंढ नहीं पाया है। यहां पर सुरंगों और तहखानों का जाल इस रहस्यमई तरीके फैला हुआ है कि लोग अब भी किले के अन्दर जाने से घबराते है। जिसकी वजह से यहां किला आज भी लोगों में डरावना बना हुआ है।
यह किला 1540 और 1545 के बीच बनाया गया था। यहां सैकड़ों सुरंगें बनाई गयी थी ताकि मुसीबत के समय उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इन सुरंगों का रहस्य केवल शेरशाह सूरी और उनके विश्वस्त सैनिकों का पता था। जमीन के अन्दर बने इस किले में प्रवेश करने के लिये एक सुरंग से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर यह सुरंगें बन्द हो जाती है तो किला किसी को दिखाई नहीं देगा।
मुगलों ने शेरशाह के परिवार और सैनिकों को मार डाला
कैमूर की पहाडि़यों पर बने इस किले की संरचना अन्य किलों से बिल्कुल अलग है। यह किला तीन ओर से जंगलों से घिरा हुआ है जबकि दुर्गावती नदी इसके एक ओर से बहती है। इस किले को इस प्रकार से बनाया गया है कि कोई भी इसे बाहर से नहीं देख सकता है।