अब नीतीश कुमार ने संभाली विपक्षी एकता की कमान, ममता-अखिलेश से आज करेंगे मुलाकात
पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) से पहले केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ विपक्षी ताकतों को एकजुट करने के लिए सोमवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मुलाकात करेंगे. नीतीश कुमार का सोमवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से भी मिलने का कार्यक्रम है. मीडियाकर्मियों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने हाल ही में कहा था कि वह जल्द ही भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने के लिए देश में एक अभियान शुरू करेंगे. नीतीश कुमार ने पटना में एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर कहा था कि ‘मेरे बाहर जाने के बाद आप सभी को पता चल जाएगा.’
पहले ऐसी खबरें आ रहीं थीं कि नीतीश कुमार 25 अप्रैल को ममता बनर्जी से मिल सकते हैं. मगर नीतीश कुमार के आज ही राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में उनके कार्यालय में ममता बनर्जी से मिलने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा से लड़ने की रणनीति बनाने के लिए दोनों नेताओं के एक बंद कमरे में बैठक करने की संभावना है. ममता बनर्जी ने पिछले महीने ही अखिलेश यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ इसी तरह की बैठकें कीं थीं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मिलने के लिए नई दिल्ली की यात्रा करने के ठीक बाद अब नीतीश कुमार ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के साथ बैठक करने वाले हैं.
इस बैठक को अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले महागठबंधन की नींव रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. गौरतलब है कि खड़गे के आवास पर हुई बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. बिहार में महागठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने अखिलेश यादव के साथ कुमार की निर्धारित बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के भी लखनऊ दौरे पर जाने की संभावना है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बुधवार को पटना में नीतीश कुमार से मुलाकात की और उनके साथ लंबी चर्चा की. कहा जा रहा है कि इसके बाद नीतीश कुमार ने अगले महीने क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं के साथ बातचीत शुरू करने की अपनी योजना में बदलाव किया. इस मुलाकात के बाद रावत ने कहा था कि दो नेताओं की मुलाकात के दौरान राजनीतिक बातचीत ही होती है.