क्रिप्टो पर वैश्विक कानून बनाने की मांग, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- तुरंत ध्यान देने की जरूरत

नई दिल्ली. देश और दुनिया में क्रिप्टोकरेंसी में बढ़ते निवेश और इससे जुड़े मुद्दों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चिंता जाहिर की है. फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की मांग पर G20 सदस्य देश इस बात पर सहमत हैं कि क्रिप्टो करेंसी को लेकर एक ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि क्रिप्टो संपत्ति से संबंधित मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है और G20 देशों को यह सुनिश्चित करना है कि अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाने के लिए इस पर गंभीरता से विचार किया जाए.

वहीं, G20 सदस्य देशों ने कहा कि इससे ना सिर्फ क्रिप्टो से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी बल्कि इसका नियमन भी हो सकेगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सदस्य देशों ने इस पर सहमति जताई है और जल्द ही इसे लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी. आईएमएफ मुख्यालय में शुक्रवार को G20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के साथ “क्रिप्टो एसेट्स के मैक्रोफाइनेंशियल इम्प्लिकेशन्स” पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने विचार रखे.

G20 देश भी क्रिप्टो के नियमन को लेकर एकमत
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि समूह देशों ने तत्परता के साथ इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है और जी20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान, क्रिप्टो संपत्ति से संबंधित मामलों पर एक ‘संश्लेषण पत्र’ लाया जाएगा जो जिसमें विभिन्न विचारों को रखा जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जी20 के सदस्य इस बात को लेकर सहमत हैं कि क्रिप्टो संपत्तियों पर कोई भी कार्रवाई वैश्विक होनी चाहिए.

बता दें कि भारत सरकार क्रिप्टो संपत्तियों के नियमन को लेकर काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इस मांग को उठा रही है. वॉशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठकों के अलावा निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने समूह के सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की एक बैठक की सह-अध्यक्षता की. इस बैठक में क्रिप्टो करेंसी और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में बात की गई.