80 फीट की ऊंचाई से गिरते झरना से होता है भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक
जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर केदारनाथ धाम स्थित झरना पर्यटकां को खूल लुभा रहा है। 80 फीट की ऊंचाई से गिरने वाले झरने से मनमोहक छटा बिखरी है। यह सबके आकर्षण का केन्द्र है। वहीं, सावन के महीने में यहां स्थित शिवमंदिर से इसका महत्व बढ़ जाता है। जंगल के बीच पहाड़ों से गिरते झरने का लुत्फ उठाने के लिये बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सावन केदिनों हर साल यहां मेला भी लगता है। लेकिन दो से कोराना काल होने की वजह से मेला नहीं लग रहा है।
बमोरी क्षेत्र के महोदरा गांव के केदारनाथ धाम स्थित यह झरना वर्षा में पानी अधिक आने की वजह से 2-3 महीनों में ही बनता है। बाकी पूरे साल यह नहीं दिखता है। पहाड़ी के ऊपर से पानी बहता हुआ नीचे की ओर आता है कुण्ड से कुछ दूदी पर अलग -अलग दिशाओं से आकर यह एकत्रित होता है। यह पठार लाल मुरम का मैदान है। मैदान के ऊपर पहाडि़यों से पानी आकर यहां एकत्र हो जाता है। यहां आकर झरने का रूप ले लेता है और इसके बाद 80 फीट की ऊंचाई से पानी नीचे गिरता है।
यह है केदारनाथ धाम
केदारनाथ धाम मंदिर जिले में स्थित प्राकृतिक और धार्मिक स्थल है। यह जगह चारों ओर से जंगल से घिरी है। यहां स्थित शिवलिंग पर साल भर प्राकृतिक रूप जलाभिषेक होता रहता है। पहाड़ों से पानी शिवलिंग के ऊपर रिसता है। झरने के नीचे कुण्ड भी है। यहां कई गुफायें भी हैं। चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण मन को प्रसन्न कर देता है।
केदारनाथ धाम तक कैसे पहुंचे
केदारनाथ धाम पहुंचने के लिये शहर के 2 रास्ते हैं। पहला ऊमरी होते हुए यहां पहुंचा जा सकता है। दूसरा नेशनल हाइवे से पहले म्याना पहुंचे। यहां से आगरा जाने वाले रास्ते से होकर झरने पर पहुंच सकते हैं। शहर से ऊमरी और म्याना के लिये आसानी से बस उपलब्ध होती है। वहीं, निजी वाहन से सीधे पहुंचा जा सकता है। कार और मोटरसाईकिल दोनों के लिये सुगम रास्ता है।