मप्र का बजट -कर्मचारियों को डीए के साथ 2 वर्ष की वेतनवृद्धि, 9 जिलों में मेडीकल कॉलेज

विधानसभा में शिवराज सरकार मंगलवार को वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत करेगी। बजट के फोकस में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए कृषि, रोजगार, कर्मचरी, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र रहेगा। 2023 का लक्ष्य साधने के लिए मिशनमोड में योजनाएं चलेंगी। जल जीवन मिशन के तहत तीन साल में एक करोड़ से ज्यादा ग्रामीणों को नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
बड़ी संख्या में रेलवे ओवर ब्रिज के साथ चंबल और नर्मदा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय प्रविधान प्रस्तावित हैं। कृषि सहित अन्य योजनाओं के लिए विभागों को पैकेज बनाकर बजट दिया जाएगा। बजट के 2.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का होने अनुमान है। वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा लैपटॉप या टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण पढ़ेंगे।

नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव को ध्यान में रखकर प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारियों का महंगाई भत्ता (DA) और राहत (DR) बढ़ाने की घोषणा बजट में होगी। अभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को 12% डीए-डीआर मिल रहा है। लंबित वार्षिक वेतनवृद्धि देने के साथ अंशदायी पेंशन योजना में राज्यांश 10 से बढ़ाकर 14% करने की घोषणा भी हो सकती है। इसी तरह स्ट्रीट वेंडर्स को शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन देने की योजना में विस्तार की घोषणा भी बजट में हो सकती है।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि आत्मनिर्भर मप्र के सभी चार सेक्टरों को मजबूत करने के प्रावधान इसमें शामिल किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों को जुलाई 2020 का इंक्रीमेंट जुलाई 2021 के साथ देने की घोषणा बजट में होगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 में अधिकतम 25% डीए (महंगाई भत्ता) की व्यवस्था कर दी गई है यानी नए वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार यदि डीए बढ़ाती है तो राज्य सरकार भी बढ़ा सकती है।

रोजगार

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर की संख्या बढ़ाने की घोषणा बजट में प्रस्तावित है। इसमें कृषि स्नातक और कृषक पुत्रों को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजनाओं को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। महिला स्व-सहायता समूह का विस्तार, कृषक उत्पादक समूहों का गठन, सहकारी समितियों से युवाओं को जोड़ने सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए बजट में प्रविधान किया जा सकता है।

आर्थिक प्रबंधन पर जोर

बजट में सरकार का जोर आर्थिक प्रबंधन पर रहेगा। कोरोना की वजह से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आय के अतिरिक्त विकल्प जुटाने के प्रयास तेज होंगे। नया कर लगाने की संभावना नहीं है इसके लिए सड़क परिवहन निगम, राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक सहित अन्य संस्थाओं की अनुपयोगी संपत्तियों को नीलाम करके राशि जुटाई जाएगी। बकाया कर वसूली के लिए समाधान योजना लाने के साथ कर चुकाने वाले उपभोक्ताओं के लिए भामाशाह योजना फिर से लागू होगी।