कांग्रेसियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को गंगाजल से नहला किया शुद्धिकरण, एक दिन पहले बाबूलाल फूल चढ़ाए थे
गोडसे भक्त बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस में एंट्री अब कांग्रेस नेतृत्व के लिए गले की फांस बनती जा रही है। रविवार को फूलबाग पर महात्मा गांधी की प्रतिमा को गंगाजल से नहला कर कांग्रेसियों ने शुद्धिकरण किया। एक दिन पहले बाबूलाल चौरसिया यहां पुष्प अर्पित कर गए थे। कांग्रेसियों का कहना है कि गोडसे भक्त के कांग्रेस में कदम रखने के बाद यह शुद्धिकरण जरूरी है। इस मौके पर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर बाबूलाल को वापस भेजो के नारे लगाते हुए निष्कासित करने की मांग की है। यह प्रदर्शन प्रदेश सचिव रूपेश यादव के नेतृत्व में किया गया है। रूपेश पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव के करीबी माने जाते हैं।
ग्वालियर के हिंदू महासभा के इकलौते पार्षद व गोडसे भक्त बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस के अंदर ही इसको लेकर दो गुट बन गए हैं। एक गुट के नेता गोडसे भक्त की एंट्री को गांधीवादी विचार धारा की हत्या बता रहे हैं, जबकि दूसरा गुट इसे सही कदम बता रहा है। कांग्रेस में मचा घमासान अब सड़कों पर दिखने लगा है। शनिवार को बाबूलाल चौरसिया ने फूलबाग पर गांधी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए थे। इसी सिलसिले में रविवार शाम को कांग्रेस के प्रदेश सचिव रूपेश यादव अपने करीब 20 से 25 साथियों के साथ फूलबाग स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने गंगाजल से पहले महात्मा गांधी को नहलाकर बाबूलाल की छाया से शुद्ध किया। इसके बाद माला चढ़ा कर गांधी विचारधारा जिंदाबाद के नारे लगाए, साथ ही गोडसे मुर्दाबाद के भी नारे लगाए हैं।
बाबूलाल को वापस घर भेजो, निष्कासित करो
दैनिक भास्कर से बात करते हुए प्रदेश सचिव रूपेश यादव ने कहा है कि गोडसे भक्त बाबूलाल चौरसिया के कदम पड़ते ही सब कुछ अशुद्ध हो गया था। इसलिए यह शुद्धिकरण किया गया है। हम गांधीवादी विचारधारा वाले कांग्रेसी हैं। गोडसे भक्त को किसी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। यहां रूपेश ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व से मांग की है कि बाबूलाल चौरसिया को जल्दी घर वापस भेजा जाए। बाबूलाल को पार्टी से निष्कासित किया जाए।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के करीबी
कांग्रेस के प्रदेश सचिव रूपेश यादव को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव का करीबी माना जाता है। बाबूलाल के कांग्रेस में एंट्री पर सबसे पहले अरूण यादव ने ही ट्वीट कर कहा था कि बापू हम शर्मिंदा हैं। इसके बाद ही इसे पूरे मामले में नई बहस शुरू हो गई थी।