जिन क्षेत्रों में संपत्ति की खरीद-बिक्री ज्यादा, वहां 15% तक बढ़ेंगे जमीन के रेट

शहरी क्षेत्र में 57 लोकेशन पर जमीन की कीमत को लेकर पैदा हुई विसंगतियां 1 अप्रैल से दूर हो जाएंगी। यहां पर रेट पास के क्षेत्र के हिसाब से रखे जाएंगे। कुल 34 नई लोकेशन के रेट भी नए सिरे से तय होंगे। ये वह इलाके हैं जहां पर बहुमंजिला भवन या फिर नई कॉलोनियां बस रही हैं। राजस्व अमले की रिपोर्ट को आधार मानकर अधिकतर लोकेशन पर 5 से 15% तक वृद्धि होगी। यह निर्णय उप मूल्यांकन समिति की चौथी बैठक में हुए।

कलेक्टोरेट में 40 मिनट चली बैठक में समिति के अध्यक्ष लश्कर एसडीएम अनिल बनवारिया ने कहा-जिन क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट बन रहे हैं, जमीन की खरीद तेजी से हो रही है सिर्फ वहीं पर 5 से 7% तक वृद्धि प्रस्तावित की जाए। इसके बाद उप पंजीयकों ने कुछ ऐसे उदाहरण दिए जहां जमीन की वास्तविक कीमत गाइड लाइन से अधिक हैं। इसके बाद चुनिंदा क्षेत्रों में अधिकतम 15% वृद्धि पर सहमति बनी।

अंतिम निर्णय भोपाल में ही होगा

उप मूल्यांकन समिति का रेट बढ़ाने का निर्णय अंतिम नहीं है। इसके बाद जिला मूल्यांकन समिति निर्णय लेगी। यहां से प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भोपाल भेजे जाएंगे। अंतिम निर्णय भोपाल में ही होगी। इससे पहले भी शासन ने प्रस्ताव खारिज कर दिए थे।

राजस्व रिपोर्ट: बहोड़ापुर में कीमतों में सर्वाधिक अंतर

बैठक से पहले पंजीयन विभाग ने 56 लोकेशन पर जमीन के वास्तविक रेट जानने के लिए राजस्व अमले से सर्वे कराया। इसके लिए क्षेत्र के पटवारी को मौजूदा रेट देकर यह पूछा गया कि अभी वहां पर जमीन की खरीद किस रेट में हो रही है। मुरार, बहोड़ापुर, सिटी सेंटर में सर्वाधिक अंतर बहोड़ापुर क्षेत्र में मिला है।

फरवरी में होगी जिले की बैठक

एक सप्ताह में प्रस्ताव जिला मूल्यांकन समिति के पास भेजे जाएंगे। यह बैठक फरवरी में होगी। इसके बाद लोग दावे-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इनके निराकरण के बाद प्रस्ताव केंद्रीय समिति के पास जाएंगे।

-दुष्यंत दीक्षित, वरिष्ठ उप पंजीयक