ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में मातृशक्ति ने निकाली भारत भक्ति यात्रा

ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में मातृशक्ति ने निकाली भारत भक्ति यात्रा -भारत माता की आरती की
हर आतंक का बदला लेगी, ये भारत की सेना है
ग्वालियर। नए भारत का जलवा देखा पाकिस्तान में मलबा देखा, जो मिटायेगा बहनों का सिंदूर उसे मिलेंगी बहत्तर हूर, हर आतंक का बदला लेगी ये भारत की सेना है, देश की रक्षा कौन करेगा हम करेंगे हम करेंगे, जिस हिंदू का खून न खौले खून नहीं वो पानी है, अगर देश के काम न आए बेकार वो जवानी है, भारत माता की जय, वंदे मातरम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के गगनभेदी नारे लगाती मातृशक्ति ने सोमवार को भारत भक्ति यात्रा निकाली। और वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि स्थल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर भारत माता की आरती की।
ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन और सेना के सम्मान में मातृशक्ति ने नदीगेट और आकाशवाणी तिराहा से भारत भक्ति यात्रा निकाली। इस दौरान मातृशक्ति हाथों में तिरंगा और देशभक्ति नारे लिखीं तख्तियों के साथ भारत माता की जय और वंदेमातरम के जयकारे लगाते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि स्थल पर पहुंची। जहां पूर्व ले.जनरल वीके शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सेना के पराक्रम का लोहा आज पूरा विश्व मान रहा है। चाहे कारगिल की लड़ाई हो या हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर रहा हो। भारतीय सेना के जवानों ने दुश्मन देश को करारा जवाब दिया। जो वह सदियों तक नहीं भूलेगा। हमारी सेना ने मानवीयता का ध्यान रखते हुए नागरिकों पर हमले नहीं किए बल्कि
9 आतंकी अड्डे तबाह कर करीब 100 आतंकवादियों को ढेर किया। इसके अलावा पाक सेना के एयरबेस पर भी ताबड़तोड़ हमले किए। जिसकी वजह से पाकिस्तान युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ाने लगा। उन्होंने कहा कि युद्धविराम हुआ है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। अगर पाकिस्तान ने गलत हरकत की तो उसे फिर सबक सिखाया जाएगा। हमारी सेना के शौर्य को देश की जनता का पूर्ण समर्थन है।
इस अवसर पर मेजर डॉ.आशा माथुर ने कहा कि आतंकवादियों की कायराना हरकत पर देश की जनता में भारी आक्रोश था। उन्होंने कहा कि पाक आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हत्या कर कहा था मोदी को बता देना और मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्रायक कर आतंकवादियों को ढेर कर उन्हें जवाब दिया कि नया भारत कैसा है। कार्यक्रम के प्रारंभ में वक्ताओं का स्वागत मनीषा इंदापुरकर एवं मीना सचान ने किया। संचालन डॉ.करुणा सक्सेना तथा आभार मनीषा शर्मा ने व्यक्त किया।