हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर मूर्ति विवाद, जातिगत तनाव, पुलिस ने 6 सोशल मीडिया हैंडलर्स को दिये नोटिस

ग्वालियर. हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में संविधान निर्माता डॉ. बीआर अम्बेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जातिगत तनाव में बदलता जा रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों से बयानबाजी और चेतावनी दी जा रही है। यही वजह है कि अब ग्वालियर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। पुलिस ने सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले 6 सोशल मीडिया हैंडलर्स को नोटिस देकर जवाब -तलब किया है।
ग्वालियरवासियों से अपील की है कि इस प्रकार की नफरत फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडलर्स को तिरस्कार करें। जिनको भी नोटिस थमाये गये है। उनको अब जवाब देना होगा। जबकि हाईकोर्ट में अम्बेडकर मूर्ति को लेकर सोमवार का जबलपुर में हो रही बैठक में फैसला आना है। फैसले केबाद तनाव बढ़ने की संभावना है।
क्या है मामला
दरअसल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में जैसे ही बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने की चर्चा हुई वैसे ही विवाद ने जन्म ले लिया। बार एसोसिएशन मूर्ति लगाने को लेकर विरोध जता रही है। बार एसोसिएशन के मुताबिक हाईकोर्ट की सात सदस्यीय बिल्डिंग कमेटी ने भी परिसर में मूर्ति लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायी वकीलों का एक गुट मूर्ति लेकर दो दिन पहले हाईकोर्ट पहुंच गया।
मूर्ति लगाने के पक्ष में वकीलों का कहना था कि उनके पास इजाजत है और 14 मई को मूर्ति की स्थापना होनी थी। धीरे-धीरे यह मूर्ति विवाद जातिगत तनाव में बदल गया है। मूर्ति लगाने के पक्ष की ओर से विरोधियों को सनातनी कहते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही है, तो विरोध करने वाले सोशल मीडिया पर भीम आर्मी व मूर्ति लगाने के पक्ष को ललकार रहे हैं। ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
भड़काऊ से दूर रहें पुलिस की अपील
शनिवार को हाईकोर्ट परिसर के बाहर सड़क पर वकीलों और भीम आर्मी के बीच मारपीट के बादर कई तरह के भडकाऊ पोस्अ सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष की ओर से जारी कियेगये थे। जिसके बाद मामला और बिगड़ गया था। पुलिस ने तत्काल इसको निगरानी में लिया और ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट से स्वयं एसएसपी ग्वालियर ने इस तरह की पोस्ट करने वालों से दूर रहने और उनके तिरस्कार की अपील की है और साथ ही 6 सोशल मीडिया हैंडलर्स को नोटिस की बात लिखी है।