असम में पत्‍नी के जीवित रहते दूसरी शादी पर रोक का रास्‍ता साफ, 45 दिन में तैयार होगा विधेयक

नई दिल्‍ली. असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार राज्‍य में एक वक्‍त में एक से अधिक पत्‍नी रखने (बहुविवाह) की प्रथा के खिलाफ कानून लाने जा रही है. मुख्‍यमंत्री का कहना है कि इसपर रोक लगाने के लिए एक विधेयक तैयार किया जा रहा है. सार्वजनिक सुझावों के बाद इसपर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में जारी किए गए सार्वजनिक नोटिस के जवाब में सरकार को कुल 149 सुझाव मिले हैं. सरकार अब 45 दिन के अंदर विधेयक का समौदा तैयार करने की तैयारी में जुटी है.

सरकारी की कोशिश असम विधानसभा से बिल पारित कराकर किसी भी व्‍यक्ति द्वारा एक समय में दो पत्‍नी रखने की प्रथा को खत्‍म करना है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ‘ बहुविवाह को बैन करने के प्रस्‍तावित बिल पर अपडेट. हमारे पब्लिक नोटिस पर कुल 149 सुझाव आए हैं. 146 सुझाव बहुविवाह बिल के पक्ष में हैं, जिससे पता चलता है कि बिल के पक्ष में लोगों का एक मजबूत सपोर्ट है. हालांकि तीन संगठनों द्वारा बिल का विरोध भी किया गया है. अब हम प्रक्रिया के अगले चरण पर आगे बढ़ेंगे, जिसमें अगले 45 दिनों में विधेयक का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा.’

हिमंत सरमा ने पब्लिक नोटिस जारी करने से पहले इस संबंध में कहा था कि सरकार असम में बहुविवाह पर रोक लगाने पर विचार कर रही है. एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन कर दिया गया है. कमेटी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि क्या राज्य विधानमंडल को बहुविवाह पर रोक लगाने का अधिकार है या नहीं. इसके अलावा यह समिति मुस्लिम पर्सनल लॉ अधिनियम 1937 के प्रावधानों की जांच करेगी. साथ ही भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 में असम राज्य नीति के सिद्धांत के साथ इसका मिलान किया जाएगा. कमेटी सभी पक्षों से इस संबंध में बात करेगी.