भारतीय तट से दूर रहेगा तूफान बिपरजॉय, 3 दिनों तक रहेगा जोर, IMD की सावधानी बरतने की सलाह
नई दिल्ली. अरब सागर में उठ रहे ‘अत्यंत गंभीर’ चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ (Biparjoy) की तेजी अगले तीन दिनों में और ज्यादा बढ़ने की संभावना है. बहरहाल यह साइक्लोन भारतीय तट से दूर ही रहेगा क्योंकि यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि समुद्र की सतह का तापमान गर्म होने के कारण जल्दी-जल्दी शक्तिशाली तूफान बनते जा रहे हैं. वरिष्ठ वैज्ञानिक और आईएमडी पुणे के प्रमुख डॉ. केएस होसलिकर ने News18 को बताया कि ‘फिलहाल हमें भारत के तटीय इलाकों पर कोई सीधा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है. ताजा पूर्वानुमान से पता चलता है कि चक्रवात के तट से दूर उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर जाने की संभावना है.
– चक्रवात बिपरजॉय के कारण अरब सागर में 25-28 फीट ऊंची लहरों के उठने की उम्मीद है.
– इस वर्ष अरब सागर में पहले चक्रवात बिपरजॉय से गुजरात के तटीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है.
– चक्रवात बिपरजॉय के कारण 10, 11 और 12 जून को हवा की रफ्तार 45 से 55 समुद्री मील तक जा सकती है. हवा की गति 65-नॉट के निशान को भी छू सकती है. चक्रवात के कारण दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र सहित तटीय इलाकों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं. अहमदाबाद में आईएमडी के मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि सभी बंदरगाहों को दूरस्थ चेतावनी संकेत फहराने के लिए कहा गया है.
– अगले 36 घंटों में तूफान बिपरजॉय और तेज होगा. इसके कारण गुजरात के मछुआरों को वापस तट पर बुलाया गया है.
– आईएमडी ने कहा कि हालांकि साइक्लोन बिपरजॉय से भारत, ओमान, ईरान और पाकिस्तान सहित अरब सागर से सटे देशों पर अभी तक किसी बड़े असर की भविष्यवाणी नहीं की गई है.
– जामनगर के कलेक्टर बीए शाह ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जिले के समुद्र तट पर स्थित 22 गांवों में लगभग 76,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजने की एक बड़ी योजना बनाई गई है.
वर्तमान में ऐसा कोई पूर्वानुमान नहीं है कि साइक्लोन बिपरजॉय तट के करीब आएगा. डॉ. केएस होसलिकर ने कहा कि ‘लेकिन मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है और पश्चिमी तट पर उचित सावधानी बरती जानी चाहिए, क्योंकि समंदर मे भीषण तूफान है.’ पूर्व-मध्य अरब सागर में ‘बहुत गंभीर’ चक्रवाती तूफान जारी है. जहां 135-145 किमी. प्रति घंटे से लेकर 160 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं समुद्र के ऊपर चल रही हैं. 10 जून तक हवा की रफ्तार 170 किमी. प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक चक्रवात कम से कम 13 जून तक ‘बहुत गंभीर’ रह सकता है.