दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नो एंट्री पर चालान के बाद वाहन छोड़कर जा रहे हैं लोग, यह है वजह
गाजियाबाद. गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल पर सड़क हादसों को रोकने के लिए नो एंट्री में एंट्री करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चला रखा है. पिछले तीन दिनों में अभियान के तहत 1414 से वाहनों के चालान हो चुके हैं. नो एंट्री पर एंट्री करने वाले वाहनों का चालान 20000 रुपये का है. ऐसे में तमाम पुरानी बाइक सवार 20000 रुपये चालान देने के बजाए वाहन छोड़ना उचित समझ रहे हैं. क्योंकि ये पुरानी बाइक 15 साल की समय सीमा पूरी करने वाली है, ऐसे में इनकी कीमत बहुत कम बची है, बाइक सवार चालान भरने के बजाए बाइक को छोड़ना उचित समझता है.
गाजियाबाद के अपर पुलिस उपायुक्त यातायात रामानंद कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे / ईस्टर्न पेरीफेरल पर आये दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें लोगों की जान जा रही हैं. विगत वर्ष 2022 में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर कुल 168 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें कुल 106 लोगों की मृत्यु और कुल 125 लोग घायल हुये है.
उन्होंने बताया कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल पर दो पहिया, तीन पहिया वाहनों का संचालन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित है. दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रतिघण्टा निर्धारित है. बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए कुल 08 स्थानों दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के इन्ट्री प्वाईन्ट्स पर यातायात पुलिस द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल नियुक्त कर प्रतिबन्धित वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर जाने से रोका जा रहा है. जो वाहन मेरठ और दिल्ली की ओर से एक्सप्रेस-वे पर आ रहे हैं. उनका चालान नो-एन्ट्री का चालान किया जा रहा है, नो एन्ट्री का चालान 20,000 रुपये का है. कई बाइक सवार जिनकी बाइक पुरानी हो चुकी है, वे रुपये जमा नहीं कर रहे हैं. उनका मानना है कि बाइक की इतनी कीमत भी नहीं है. इसलिए छोड़ रहे हैं.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर लगातार तीसरे दिन सोमवार को प्रतिबंधित दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के चालान किए गए. सोमवार को 8 स्थलों पर यातायात पुलिस ने चेकिंग कर 417 वाहनों के चालान किए. तीन दिन में अब तक 1414 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के अलावा भैंसा बुग्गी या अन्य धीमी रफ्तार के वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद लोग इन वाहनों को लेकर दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे हैं. इसकी वजह से अब घने कोहरे के दौरान सड़क हादसों की आशंका और बढ़ गई है.