महंगा हो गया कर्ज! रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, कैलकुलेशन में देखें अब कितनी बढ़ जाएगी आपकी EMI
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की लगातार पांचवीं बैठक में रेपो रेट बढ़ा दिया है. वैसे तो इस बार पहले के मुकाबले कम बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आपकी ईएमआई पर इसका सीधा असर पड़ेगा. रिजर्व बैंक ने इस बार रेपो रेट में 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिससे होम, ऑटो और पर्सनल सहित सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे.
दरअसल, साल 2019 से बैंकों से ज्यादातर खुदरा कर्ज को रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जोड़ दिया है. इसका मतलब है कि अब रेपो रेट में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर आपके लोन की ब्याज दर को प्रभावित करेगी. यानी 0.35 फीसदी रेपो रेट बढ़ने के बाद अब आपके कर्ज की ब्याज दर में भी इतनी ही वृद्धि हो जाएगी. इस बढ़ी ब्याज दर का असर नए और पुराने दोनों ही ग्राहकों पर दिखेगा.
इन ग्राहकों पर कोई असर नहीं
बैंक से दो तरह के लोन मिलते हैं, एक फ्लोटिंग रेट पर और दूसरा फिक्स रेट पर. बैंक ज्यादातर कर्ज फ्लोटिंग रेट पर बांटते हैं और रेपो रेट में होने वाले किसी भी बदलाव का इस पर सीधा असर पड़ता है, जिससे ब्याज दर और ईएमआई बढ़ जाती है. हालांकि, जिन ग्राहकों ने फिक्स्ड रेट पर होम, ऑटो या पर्सनल लोन ले रखा है, उन पर ब्याज दरों में बदलाव का कोई असर नहीं होता. यह गौर करने वाली बात है कि फिक्स्ड रेट की ब्याज दरें फ्लोटिंग रेट के मुकाबले कुछ ज्यादा होती हैं.
होम लोन पर क्या असर
मान लीजिए आपने 30 लाख रुपये का होम लोन 8.30 फीसदी की ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है. इस दर पर आपकी ईएमआई हर महीने 25,656 रुपये आती है. यानी आप कर्ज की पूरी अवधि में 31,57,490 रुपये ब्याज के रूप में चुकाएंगे. अब रेपो रेट बढ़ने के बाद आपके कर्ज की ब्याज दर बढ़कर 8.65 फीसदी हो जाती है तो समान और समान राशि के कर्ज पर आपकी ईएमआई बढ़कर 26,320 रुपये हो जाएगी.