गहलोत के बयान से बढ़ा विवाद, विधानसभा भंग भी हो सकती है
जयपुर. अशोक गहलोत का सचिन पायलट के खिलाफ खुलकर बोलना कांग्रेस आलाकमान को बैकफुट पर ले आया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गहलोत के बयान से कांग्रेस पार्टी सकते में है लेकिन पायलट के आलाकमान पर भरोसा जताने के बाद भी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
गहलोत ने पायलट को गद्दार कह दिया और इस डायरेक्ट अटैक के बाद भी पायलट ने मुख्यमंत्री को सधे हुए अंदाज में कद और पद गरिमा बनाए रखने की सलाह दी। पायलट ने साफ कहा कि सीएम इतना असुरक्षित महसूस क्यो कर रहें है उन्हें किस बात का डर सता रहा है। उन्होने ये भी कह दिया कि मुख्यमंत्री इससे पहले भी मुझे निक्कमा और नकारा बोल चुके है जो उनके जैसे वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता।
राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में सचिन पायलट की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है मध्य प्रदेश के बाद गुजरात और राजस्थान में राहुल और पायलट एक साथ कदमताल करेंगे, ऐसे में गहलोत का गुस्सा भी समझा जा सकता है। लेकिन इतने बड़े पद भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी सीएम की जिम्मेदारी है।