पराली की आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड की टीम और नायब तहसीलदार को बनाया बंधक

बरनाला (पंजाब). पंजाब के बरनाला जिले के गांव कलाला में धान की पराली की आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड की टीम, नायब तहसीलदार और कृषि विभाग की टीम को भारतीय किसान यूनियन (कादियान) द्वारा बंधक बना लिया गया. किसान फायर ब्रिगेड की गाड़ी को खुद से चलाकर गांव के गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे. इस दौरान मौके पर इकट्ठा हुए किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. किसान संगठन और ग्रामीणों ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि धान की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ यदि कार्रवाई की गई तो राज्‍यभर में सड़कों पर पराली जलाकर जाम किया जाएगा. पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई न करने का आश्‍वासन मिलने के बाद अग्निशमन दल, नायब तहसीलदार और कृषि विभाग की टीम को छोड़ा गया.

भारतीय किसान यूनियन (कादियान) के जिलाध्यक्ष जगसीर सिंह ने बताया कि कलाला गांव में एक किसान द्वारा धान की पराली जलाई जा रही थी. इसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड, नायब तहसीलदार और खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारी किसान पर कार्रवाई करने के लिए पहुंच गए. इसका पता चलने के बाद जगसीर सिंह अन्‍य किसानों के साथ मौके पर पहुंचे और अग्निशमन विभाग की टीम, नायब तहसीलदार और खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारियों को खेत में ही बंधक बना लिया. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा धान की पराली जलाने वाले किसानों पर सख्ती की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जगसीर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा किसानों को जो मशीनें बांटे जाने की बात कही जा रही है, वह मात्र 12% किसानों को ही मिली है. ये मशीनें सही तरह से काम नहीं कर रही हैं. उन्होंने कहा कि धान की पराली जलाना किसानों की मजबूरी है और अगर पंजाब सरकार धान की पराली को जलाने नहीं देना चाहती है तो इसके लिए किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए. किसान नेता ने बताया कि अगर जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी पराली जला रहे किसी भी किसान के खेत में जाएगा तो उनको वहीं पर बंधक बनाया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस की सरकार के समय भी किसानों पर इतनी सख्ती नहीं की गई थी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पंजाब सरकार द्वारा किसी भी किसान पर पराली जलाए जाने पर कार्रवाई की गई तो पूरे पंजाब की सड़कों पर धान की पराली गिराकर सड़कों को जाम किया जाएगा.