इस बार अपनी केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा के साथ अनोखे रिकॉर्ड में शामिल होंगे PM मोदी
रुद्रप्रयाग: प्रधानमंत्री मोदी 21 अक्टूबर से जब दो दिनों के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम आएंगे, तो वह इस साल चारधामों के दर्शन करने वाले 41 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों में शामिल होंगे, जिन्होंने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इससे पहले का रिकॉर्ड वर्ष 2019 में था, जब लगभग 35 लाख तीर्थयात्रियों ने 4 पवित्र तीर्थस्थलों केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के दर्शन किए थे, जिन्हें चारधाम के नाम से जाना जाता है. पिछले दो वर्षों में कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई, लेकिन इस साल अब तक 41 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चारधाम यात्रा की है.
PM मोदी 21 अक्टूबर को जाएंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ, 3400 करोड़ रुपये के परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला
इस महीने के अंत में सर्दियों के लिए चारों मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे, क्योंकि बर्फबारी शुरू हो जाएगी. News18 को मिली जानकारी के मुताबिक इस साल अब तक लगभग 15 लाख तीर्थयात्री बद्रीनाथ जा चुके हैं, 14 लाख से अधिक केदारनाथ गए हैं, जबकि 6 लाख से अधिक तीर्थयात्री गंगोत्री और 5 लाख से अधिक यमनोत्री आए हैं. आदि गुरु शंकराचार्य की पुनर्निर्मित समाधि के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों में भी काफी वृद्धि हुई है, जिसका उद्घाटन पिछले साल प्रधानमंत्री द्वारा केदारनाथ में किया गया था. इसमें शंकराचार्य की 12 फुट की मूर्ति भी थी.
प्रधानमंत्री शुक्रवार को केदारनाथ यात्रा के दौरान इस समाधि स्थल का दौरा करेंगे और रोपवे परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे. वह तीर्थयात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केदारनाथ में बनाए गए नए मंदाकिनी आस्था पथ और सरस्वती आस्था पथ का भी निरीक्षण करेंगे और इन परियोजनाओं को बनाने वाले श्रमजीवी से बातचीत करेंगे. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ में सभी विकास कार्य 2023 के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे.
सभी चार मंदिरों को जोड़ने वाली 889 किलोमीटर लंबी चारधाम सड़क परियोजना जिसे ऑल-वेदर रोड प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता है, के भी जल्द ही 12,000 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होने की उम्मीद है. पीएम मोदी अपनी यात्रा के दौरान पहली बार बद्रीनाथ में रात्रि विश्राम करेंगे और माणा गांव में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जो भारत-चीन सीमा पर अंतिम सीमावर्ती गांव है. वह ‘सीमावर्ती गांव विकास कार्यक्रम’ योजना की समीक्षा करेंगे. प्रधानमंत्री चल रहे बद्रीनाथ मास्टरप्लान योजना की भी समीक्षा करेंगे.