गेहूं व चावल के ज्यादा दाम चुकाने को रहें तैयार! देश में अनाज भंडार 5 साल के निचले स्तर पर
नई दिल्ली. भारत में अनाज की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है. सितंबर में अनाज महंगाई दर 105 महीनों के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची है. बढ़ती महंगाई के बीच एक और बुरी खबर सामने आई है. देश का अनाज भंडार 5 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है. चिंताजनक बात यह है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों में गेहूं का स्टॉक पिछले 6 वर्षों में सबसे कम रह गया है और यह मिनिमम बफर स्टॉक से बस कुछ ही ज्यादा है.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के आंकड़ों बताते हैं कि 1 अक्टूबर को सार्वजनिक गोदामों में गेहूं और चावल का कुल स्टॉक 511.4 लाख टन था. एक साल पहले यह आंकड़ा 816 लाख टन था. देश में गेहूं और चावल की कीमतों को बढ़ने से रोकने और घरेलू बाजार में इनकी पर्याप्त आपूर्ति के लिए ही सरकार ने गेहूं और टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगा रखी है.
चिंताजनक स्तर पर गेहूं स्टॉक
सरकारी भंडारगृहों में 1 अक्टूबर, 2022 को 227.5 लाख टन गेहूं का स्टॉक था. यह पिछले 6 वर्षों में गेहूं भंडारण का सबसे निचला स्तर है. यही नहीं, इस तारीख के लिए न्यूनतम बफर स्टॉक 205.2 से यह थोड़ा ही ज्यादा है. हालांकि, चावल का स्टॉक (बिना पिसे हुए धान से प्राप्त अनाज सहित) आवश्यक स्तरों से लगभग 2.8 गुना अधिक था. इसी कारण 4 साल पहले की तुलना में एफसीआई के गोदामों में समग्र अनाज स्टॉक की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक है. सितंबर में महंगाई दर में वृद्धि होने के बावजूद अनाज भंडारण में आ रही कमी चिंताजनक है. सितंबर, 2022 में अनाज और अनाज उत्पादों की महंगाई दर 11.53 फीसदी रही है. अनाज के लिए यह उच्चतम वार्षिक दर है.