सलमान खुर्शीद बोले- हिंदुत्व को ISIS से ना जोड़ूं तो किससे जोड़ूं? बीजेपी ही समझा दे मतलब
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ (Sunrise Over Ayodhya) विमोचन के बाद विवादों में फंसती नजर आ रही है. अपनी किताब में खुर्शीद ने राम मंदिर-बाबरी विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही बताया है. साथ ही उन्होंने हिंदुत्ववादियों की तुलना आतंकी संगठन ISIS और बोको हरम जैसे आतंकी संगठनों की ‘जिहादी सोच’ से कर दी है. खुर्शीद की किताब में कांग्रेस के उन नेताओं पर भी सवाल किए गए हैं जो सॉफ्ट हिन्दुत्व की बात करते हैं. इन्हीं मुद्दों पर News18 India के संवाददाता अरुण कुमार सिंह ने खुर्शीद से बातचीत की. राम मंदिर-बाबरी विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सलमान ने लिखा है ‘निश्चित रूप से हिंदुत्व के समर्थक इसे इतिहास में अपने गौरव को उचित मान्यता मिलने के तौर पर देखेंगे. न्याय के संदर्भ सहित जीवन कई खामियों से भरा है, लेकिन हमें आगे बढ़ने के लिए इसके साथ समायोजन करने की जरूरत है, भले ही कुछ लोग फैसले से सहमत नहीं हैं.’
यहां पढ़ें खुर्शीद के इंटरव्यू का संपादित अंश-
Q. आपने अपनी किताब में हिंदुत्व को आईएसआईएस और बोको हराम से जोड़ दिया? बीजेपी सवाल खड़े कर रही है
A. किससे जोड़ूं? मुझे बता दें किससे जोड़ूं? मुझे बता दें. मैंने हिंदू धर्म को नहीं जोड़ा, हिंदुत्व को जोड़ा है. हिंदू धर्म का पूरा सम्मान है और मैंने यह कहा है कि हिंदू धर्म और इस्लाम एक साथ जुड़े इस मुल्क में, उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा. वह कहें हिंदुत्व तो बहुत अच्छा है. किसी को कष्ट नहीं देता, किसी को दुख नहीं देता. क्यों नहीं बोलते ऐसा. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संदर्भ में खुर्शीद ने कहा, ‘चिदंबरम का मानना है कि अयोध्या के फैसले में कानूनी नजरिए से कमी है. मेरा मानना है कि इस फैसले में लोगों को जोड़ने की गुंजाइश है .
Q. आपने अपनी पार्टी के लोगों पर भी निशाना साधा, जो सॉफ्ट हिंदुत्व की बात करते हैं…
A. मुझे अपनी पार्टी और उसके नेतृत्व पर गर्व है. आप क्या दिखाते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता. वह यह नहीं सोचते कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान है… इसलिए उस नेतृत्व पर मुझे गर्व है और इसलिए उस नेतृत्व को मैं अपना नेता मानता हूं. अगर कोई समझता है कि नैरेटिव कुछ और होना चाहिए तो उसको नेतृत्व से बात करनी चाहिए.
Q. आपको नुकसान नहीं होगा अगले चुनाव में? आपकी पार्टी में कई लोग ऐसा मान रहे हैं?
A. हमको जमीन में गाड़ दीजिए. कब्रिस्तान में जाकर चुनाव करें. श्मशान में जाकर चुनाव करें. वहां हम सब लोग एक साथ होते हैं. कोई किसी से कुछ नहीं कहता. किसी की बुराई भी होती है तो वह माफ कर देता है. ऐसा थोड़ी होता है चुनाव में. सच्चाई बोलनी पड़ती है. सच्चाई कहनी चाहिए .
Q. बीजेपी कहती है कि सलमान खुर्शीद को हिंदुत्व का मतलब नहीं पता?
A. अगर मुझे हिंदुत्व का मतलब नहीं पता तो वो बता दें. बताते क्यों नहीं? इतने दिन से सरकार में है बीजेपी. मुझे हिंदुत्व का मतलब क्यों नहीं बताती? हिंदुत्व का मतलब लिंचिंग है कि नहीं है? हिंदुत्व का मतलब कहीं आग लगाना है कि नहीं है? बता दें कि ऐसा नहीं है. यह लोग कोई और हैं? बोल दें कि यह लोग कोई और हैं? इनके अंदर हिम्मत नहीं है क्या? अपनी बात बोलने की हिम्मत नहीं है? सिर्फ दूसरों पर उंगली उठाने की हिम्मत है? खुद लिखे किताब और बताएं कि कितना उदार और कितना अच्छा है हिंदुत्व और उसका सनातन धर्म से क्या रिश्ता है? वह बताएं. हम सनातन धर्म को समझे हैं, हम संतकबीर को समझे हैं. हम महात्मा गांधी को समझे हैं. वह लोग हिंदू नहीं थे क्या?