दिल्‍ली की 'जहरीली' हवा पर गोपाल राय बोले- BJP के इशारे पर कुछ लोगों ने जानबूझकर जलाए पटाखे

नई दिल्‍ली. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने राजधानी में वायु गुणवत्ता (Delhi Air Quality) बिगड़ने के लिए पटाखे (Firecrackers) और पराली जलाए जाने को जिम्मेदार ठहराया है. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि दिल्ली में कुछ लोगों ने खास मकसद से पटाखे जलाए, इसके पीछे भाजपा है. वहीं, गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के आसपास पराली जलाए जाने की करीब 3500 घटनाओं का असर आज राष्ट्रीय राजधानी में दिखा और इस वजह से वायु गुणवत्ता बिगड़ी है.

इसके अलावा गोपाल राय ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने हर समय बयान दिए कि पटाखे जलाने से कुछ नहीं होता है, यह धर्म और त्योहार का मामला है. अब सभी वैज्ञानिक कह रहे हैं कि पटाखों से प्रदूषण होता है. दो दिन पहले हवा की जो गुणवत्ता थी, वह आज नहीं है.

बता दें कि दिवाली (Diwali 2021) की रात पटाखे चलाए जाने की वजह से शुक्रवार की सुबह दिल्‍ली वायु प्रदूषण अपने चरम रहा, तो शनिवार को भी इसके ‘खतरनाक’ श्रेणी में बने रहने की संभावना है. आज सुबह पूसा, मंदिर मार्ग, मेजर ध्‍यानचंद स्‍टेडियम, श्रीनिवासपुरी, आनंद विहार, कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और ओखला समेत तमाम इलाकों में AQI 999 दर्ज किया, जो कि वायु गुणवत्ता मापने का उच्‍चतम पैमाना है. यही नहीं, दिल्‍ली के 27 निगरानी केंद्रों पर भी वायु गुणवत्ता ‘खतरनाक’ श्रेणी में दर्ज की गई. हालांकि दोपहर तक हालात में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन AQI अभी भी अधिकतर इलाकों में 350 से 500 के बीच बना हुआ है. दिल्ली कई क्षेत्रों के लोगों ने गले में खराश और आंखों से पानी आने की शिकायतें की हैं.

वहीं, दिवाली से एक दिन पहले गोपाल राय ने विपक्षी दलों से आतिशबाजी को धर्म से नहीं जोड़ने और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए बच्चों व बुजुर्गों की जान जोखिम में नहीं डालने की अपील की थी. उन्‍होंने कहा था कि कुछ लोग राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहते हैं. मैं उनसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि दिल्ली के बच्चों और बुजुर्गों की जिंदगी से खिलवाड़ ना करें. राजनीति करने के लिए कई अन्य मुद्दे हैं. कृपया लोगों को सांस लेने दें. दिवाली दीयों का त्यौहार है, पटाखे जलाने का नहीं.

‘पटाखे नहीं दीये जलाओ’

बहरहाल, दिल्‍ली सरकार ने आतिशबाजी को रोकने के लिए 27 अक्टूबर को ‘पटाखे नहीं दीये जलाओ’ अभियान शुरू किया था. जबकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 28 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी 2022 तक पटाखों की बिक्री और उनके जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था. वहीं, दिल्‍ली में पटाखे जलाने में संलिप्त पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के संबद्ध प्रावधानों और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी.

वैसे शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’, तथा 401 और 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है.