सुसाइड नोट मामले में महंत नरेंद्र गिरी के वकील ने दिया सीबीआई को क्लू, जानिए क्या बताया...
प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई की जांच का आज 27वां दिन है. लेकिन सीबीआई अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट से इनकार के बाद सीबीआई की परेशानी बढ़ गई है. सीबीआई अब इस मामले में प्रॉपर्टी विवाद के एंगल से जांच करने में जुट गई है. सीबीआई पिछले 3 दिन से महंत नरेंद्र गिरी के वकील ऋषि शंकर द्विवेदी से पूछताछ कर रही है. ऋषि शंकर द्विवेदी नरेंद्र गिरी के संदिग्ध मौत वाले दिन ही श्री मठ बाघम्बरी जाते हुए एक दुर्घटना में घायल हो गए थे. जिसके बाद वह अपने घर में ही बेड पर हैं. सीबीआई की एक टीम उनके आवास पर जाकर उनसे पिछले तीन दिनों से पूछताछ कर रही है.
सीबीआई ने अब तक वकील ऋषि शंकर द्विवेदी से महंत नरेंद्र गिरी की वसीयत को लेकर पूछताछ की है. सीबीआई ने उनसे पूछा है कि आखिर महंत नरेंद्र गिरी ने अपनी वसीयत क्यों तोड़ी और 4 जून 2020 को कराई गई तीसरी वसीयत में बलवीर गिरी को उत्तराधिकारी बनाते हुए उन्होंने क्या कुछ कहा था. इसके साथ ही साथ मठ की प्रॉपर्टी को लेकर भी सीबीआई ने ऋषि शंकर द्विवेदी से कई अहम सवाल पूछे हैं.
नरेंद्र गिरी के दस्तखत के बारे में वकील से सवाल
महंत नरेंद्र गिरी के सुसाइड नोट को लेकर भी उनके वकील से सीबीआई ने पूछताछ की है. सीबीआई ने वकील से पूछा है कि तमाम कागजात पर महंत नरेंद्र गिरी के दस्तखत आप लेते रहे होंगे, ऐसे में क्या सुसाइड नोट में उनकी ही हैंडराइटिंग है. इस पर उनके वकील ने सीबीआई को बताया है कि महंत नरेंद्र गिरी तीन से चार मिनट में हस्ताक्षर कर पाते थे. ऐसे में जिस तरह से 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा गया है. यह उनके द्वारा लिखा जाना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है. सीबीआई ने महंत नरेन्द्र गिरी के वकील ऋषि शंकर द्विवेदी के पास से कुछ दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है. जिसमें महंत नरेंद्र गिरि ने एक या दो लाइनें या तो लिखी हैं या फिर हस्ताक्षर किए हैं. सीबीआई एक बार फिर से फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट से इन दस्तावेजों का मिलान कराएगी.
वकील ऋषि शंकर द्विवेदी से सीबीआई करेगी और पूछताछ
महंत नरेंद्र गिरी के वकील ऋषि शंकर द्विवेदी पिछले 17 साल से महंत नरेंद्र गिरी से जुड़े हुए थे. उनका दावा है कि तमाम विषयों पर बातचीत के लिए महंत नरेंद्र गिरी खुद उनके चैंबर आते थे और उनसे बातचीत करते थे. ऋषि शंकर द्विवेदी के मुताबिक सीबीआई अभी उनसे और भी पूछताछ करेगी. क्योंकि सड़क हादसे में दुर्घटना की वजह से उनका पैर फ्रैक्चर है इसलिए सीबीआई उनके घर में ही उनसे पूछताछ कर रही है. इस मामले में सीबीआई ने ऋषि शंकर द्विवेदी के पिता और जिला कचहरी के सीनियर वकील पंडित महादेव प्रसाद द्विवेदी से भी पूछताछ की है. क्योंकि महादेव प्रसाद द्विवेदी भी सन् 1980 से महंत नरेंद्र गिरी से जुड़े थे. महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत के बाद पंडित महादेव प्रसाद द्विवेदी ने ही उनकी तमाम संपत्तियों के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने इस बात की जानकारी दी थी कि मठ और मंदिर के पास 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है. उन्होंने बताया था कि महंत नरेंद्र गिरी ने गंगापार के झूंसी, कौशांबी, यमुनापार के करछना के साथ ही रायबरेली में भी जमीन खरीद रखी है. अब तक सीबीआई इस मामले में तीनों आरोपियों मुख्य आरोपी आनंद गिरी, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी से पूछताछ कर चुकी है.