रूस के AN-36 विमान के समुद्र में क्रैश होने की आशंका, 28 लोगों की तलाश जारी

मास्को. रूसी के एक यात्री विमान (Russian Plane) के समुद्र में क्रैश होने की आशंका जताई जा रही है. इसमें 28 यात्री सवार थे. फ्लाइट AN-36 के पहले लापता होने की खबर आई थी. मंगलवार को क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सुदूर पूर्वी क्षेत्र में कामचटका प्रायद्वीप में विमान लापता हो गया है. एएन-26 विमान का हवाई यातायात नियंत्रण (Air Traffic Control) से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद उसे ट्रेस नहीं किया जा पा रहा था. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, विमान समुद्र में क्रैश हो गया है. अधिकारियों ने विमान में सवार सभी यात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई है. अभी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

इससे पहले रॉयटर्स ने इंटरफैक्स और आरआईए नोवोस्ती एजेंसियों ने आपात स्थितियों के मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया कि विमान कामचटका प्रायद्वीप में पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से पलाना के लिए उड़ान भर रहा था. तभी उसका संपर्क टूट गया. वहीं, न्यूज़ एजेंसी एएफपी ने बताया कि जहाज पर सवार 28 लोगों में चालक दल के छह सदस्य शामिल थे और 22 यात्रियों में एक या दो बच्चे भी थे.

विमान कैसे और कहां दुर्घटनाग्रस्त हुआ, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. एक सूत्र ने टीएएसएस को बताया कि विमान समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. दूसरे न्यूज एजेंसी इंटरफैक्स ने बताया कि विमान का मलबा पलाना शहर के नजदीक एक कोयला खदान के पास गिरा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम दो हेलीकॉप्टरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. रेस्क्यू टीम भी तैयार है. मंत्रालय ने कहा कि एंटोनोव कंपनी ने 1969-1986 के बीच ऐसे छोटे सैन्य और नागरिक विमान तैयार किए थे.

इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के हवाले से बताया कि इलाके में बादल छाए हुए हैं. ऐसे में हो सकता है कि खराब मौसम की वजह से विमान क्रैश हो गया हो.

हाल के विमान हादसों को देखते हुए रूस ने अपने सुरक्षा मानकों में सुधार किया है. सोवियत युग के सैन्य विमानों का उपयोग अभी भी घरेलू विमानों के रूप में किया जा रहा है. रूस में आखिरी बड़ी हवाई दुर्घटना मई 2019 में हुई थी. फ्लैग कैरियर एयरलाइन एअरोफ़्लोत से संबंधित एक सुखोई सुपरजेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इससे मॉस्को हवाई अड्डे के रनवे पर आग लग गई थी. हादसे में 41 लोग मारे गए थे.