निगमायुक्त की प्रशासनिक सर्जरी से मचा हड़कम्प, किसी पॉवर कम तो किसी बढ़ाया

देर रात मोबाइल पर आये संदेश ने निगम अधिकारियों की नींद हराम

ग्वालियर. नगरनिगम में लम्बे समय से मलाईदारों पर जमे हुए तमाम अधिकारियों की शुक्रवार की देर रात निगमायुक्त के एक संदेश ने नींद उड़ा दी है और इसके बाद वह करवट तक नहीं बदल सके। बल्कि सिर पकड़कर बैठ गये। अभी तक जो नये निगमायुक्त शिवम वर्मा को बेहद सीधा और सरल समझते आ रहे थे उनके तीखे तेवरों ने निगम में हड़कम्प मचा हुआ है। पद खोते ही इनके चमकदार चेहरों पर गहरा तनाव दिखाई दे रहा है। कुछ तो इस संदेश पर यकीन ही नहीं कर पा रहे हैं और एक दूसरे से इसे कंफर्म करने में लगे हुए हैं। लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा है। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं, जिन गम्भीर आरोप है और एजेंसियों में जांच चल रही है। लेकिन फिर भी इनका रूतबा निगम में बुलंद ही रहा है। इनमें इंजीनियरों से लेकर क्षेत्राधिकारी तक शामिल हैं। इनमें कुछ लोग भी शामिल हैं जो अपना राजनैतिक महत्व दिखा कर जमे हुए थे।

लम्बे समय चल रहा था मंथन

निगम सूत्रों की माने तो पदभार संभालते ही निगमायुक्त शिवम वर्मा ने ऐसे अधिकारियों पर निगाह रखने के साथ ही इनके अभी तक के कार्यकाल को न र्सिु बारीकी से समझा, बल्कि इनकी हरकतों और इनके खिलाफ शिकायतों की फाइलें भी पलटी और अपने नजदीकियों से इनका फीडबैक भी लिया और पिछली देर रात इन्हें इनाम दिया। इनमें से कई तो ऐसे हैं जो अपनी योग्यता से कहीं ऊंचे पदों पर जमंे बैठे थे और जमकर मलाई चाट रहे थे। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में शशिकांत शुक्ला, सत्यपालसिंह चौहान, प्रेम पचौरी व महेन्द्र शर्मा शामिल हैं। इनकी तातकत कम करने के कई वजह है। निगमायुक्त का इस मामले को लेकर निगमायुक्त शिवम वर्मा से उनके मोबाइल पर संपर्क किया था उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।

इंजीनियर बनाये गये क्षेत्राधिकारी

नगरनिगम में कार्य में कसावट लाने के लिये राजीव सोनी 1, रवि गोडिया 2, राजेश परिहार 3, अशोक गुप्ता 4, रामसेवक शाक्य 5, तनुजा वर्मा 6, राजीव सिंघल 7, उप्पल भदौरिया 8, संजीव झा 9, अमित गुप्ता 10, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव 11, अजय शाक्यवार 12, कार्तिक पटेल 13, सुरूचि बंसल 14, वेदप्रकाश निरंजन 15, राजेन्द्र शर्मा 16, यशवंत मैकले 17, राजू गोयल 18, सौरभ शाक्य 19, राजेश रावत 20, राकेश कुशवाह 21, बृजबिहारी चंसौलिया 22, अनिल चौहान 23, अजीत जैन 24 तथा वीरेन्द्र शाक्य को जोन 25 का प्रभार दिया है ।

इन्हें मिली जिम्मेदारी

नगरनिगम में सहायक यंत्री सतेन्द्र यादव को पॉवरफुल बनाते हुए पूर्व विधानसभा क्षेत्र का मुख्य समन्वयक अधिकारी (सीसीओ) भी बना दिया है। इंजीनियर प्रेम पचौरी को इस जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए पर कतरे हैं। इसी प्रकार उपयंत्री प्रमोद चौहान को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ कलस्टर क्रमांक 2 सीसीओ बना दिया है। उपयंत्री महेन्द्र अग्रवाल को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ -साथ जोन क्रमांक 11 और 12 का कलस्टर अधिकारी बनाया गया है। उपयंत्री हसीन अख्तर का कद कम करते हुए उपायुक्त पद प्रभार वापिस लेते हुए स्वच्छ भारत मिशन में सहायक नोड़ल अधिकारी बनाया गया है। उपायुक्त जेएन पारा को पॉवरफुल बनाते हुए वर्तमान के साथ विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर एवं दक्षिण का उपायुक्त संपत्तिकर, जबकि उपायुक्त एपीएस भदौरिया को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ-साथ पूर्व तथा ग्रामीण विधानसभा संपत्तिकर बनाया गया है। प्रदीप श्रीवास्तव से चिडि़याघर तथा सत्यपाल सिंह चोहान से खेल अधिकारी व उपायुक्त संपत्तिकर का प्रभार वापिस ले लिया है। सहायक वर्ग- शशिकांत शुक्ला पॉवर लैस, उन्हें होर्डिंग्स व मदालखत का प्रभार वापिस लेकर सीएम हैल्पलाईन शाखा में भेज दिया गया है। मुकुल गुप्ता को मदालखत का अपर आयुक्त बनाया गया है जबकि उपयंत्री केशव सिंह चौहान को मदालखत का नोडल अधिकारी बनाया गया, अभी तक यह पद सत्यपालसिंह चौहान के पास था। हालांकि केशवसिंह चोहान से फायरब्रिगेड से वापिस ले लिया गया। ग्रामीण और ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के मदालखत अधिकारी महेन्द्र शर्मा को पावरलैस किया गया है। सहायक राजस्व निरीक्षण सत्येन्द्र सिंह भदौरिया को पावर में लाते हुए ग्वालियर तथा दक्षिण विधानसभा का मदालखत अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह से सहायक राजस्व निरीक्षक शैलेन्द्रसिंह चौहान को पूर्व तथा ग्रामीण क्षेत्र का मदालखत अधिकारी बनाया गया है।