जब पूर्व विधायक को गुस्सा आया नहीं मिला इंजेक्शन रेमडेसिविर और अब उसकी मौत हो गयी-मुन्नालाल गोयल

बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने रेमडेसिविर इंजेक्शन का मामला उठाया। उन्होंने कहा है कि मंगलवार को उन्होंने निजी अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन देने के लिये प्रशासन को लिखा था, लेकिन उसे इंजेक्शन नहीं मिला। मरीज की बुधवार का मौत हो गयी। निजी अस्पतालों को भी इंजेक्शन दिये जा रहे तो वह बाहर से मरीज के परिजन को लाने कैसे बोल सकते हैं। प्रशासन को निजी अस्पतालों को दिये जो रहे इंजेक्शन की मॉनीटरिंग कराना चाहिये, कहीं कालाबाजारी तो नहीं हो रही है।

क्या है पूरा मामला

वार्ड.30 के भाजपा संयोजक दीप श्रीवास्तव की बुआ संक्रमित थीं। उन्हें लक्ष्मीबाई कॉलोनी में करनी मल्टी स्पेशियलिटी में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन का इंतजाम करने के लिए कहा। दीप ने पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल से मदद मांगी। इस पर पूर्व विधायक को उसके लिए लेटरहेड पर लिखकर दिया। इसके बाद भी उनको इंजेक्शन नहीं मिल सका। बुधवार को मरीज की मौत हो गई। बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक थी। इसमें पूर्व विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। कहा कि अस्पतालों में आप इंजेक्शन भेज रहे हैंए इसलिए कि मरीजों को लग जाएए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।

जब पूर्व विधायक को गुस्सा आया

पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने कहा है कि असल मुद्दा यह था कि प्रायवेट हॉस्पिटल को भी डिमांड के आधार पर जिला प्रशासन रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध करा रही है और इसके बाद भी निजी अस्पताल वाले मरीज के परिजन को पर्चे पर लिखकर बाहर से इंजेक्शन लाने के लिये कह रहे हैं। इसलिये हॉस्पिटलों को जो इंजेक्शन दिये जा रहे हैं, उनकी मॉनीटरिग की व्यवस्था बनानी चाहिये। जिला प्रशासन का मकसद कालाबाजारी रोकना चाहिये।