खतरनाक स्तर पर पहुंचा संक्रमण, वैक्सीन के बाद रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी
सूर्यनगरी जोधपुर में कोरोना संक्रमण रोज अपना नया रिकॉर्ड बना रहा है. वहीं, अब इसके इलाज में अन्य दूसरी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है. मंगलवार को जोधपुर में 770 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के साथ ही 4 मरीजों की इस महामारी से मौत हो गई. संक्रमण की इस स्पीड से आम आदमी सहम सा गया है. बाजारों में भी कोरोना का खौफ नजर आने लग गया है.
दूसरी तरफ शहर में वैक्सीन के टोटे के बाद अब इस महामारी के इलाज के लिए रामबाण माने जाने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी होने लगी है. बाजार में यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है. सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही यह इंजेक्शन मिल रहा है, लेकिन वहां भी धीरे-धीरे इंजेक्शन की कमी होने लगी है.
शिक्षण संस्थान और हॉस्टल आ रहे हैं चपेट में
जोधपुर में शिक्षण संस्थान और हॉस्टल भी लगातार इसकी चपेट में आ रहे हैं. मंगलवार को राजपुरोहित समाज के हॉस्टल में भी कोरोना विस्फोट हो गया है. राजपुरोहित समाज के हॉस्टल में रहने वाले 22 स्टूडेंट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. हॉस्टल में कोरोना विस्फोट होने के बाद उसे कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है. इससे पहले आईआईटी 74 स्टूडेंट्स कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं.
संक्रमण की दर 26.27 फीसदी तक जा पहुंची
उल्लेखनीय है कि जोधपुर संक्रमण की दर 26.27 फीसदी तक जा पहुंची है. 14 दिन पहले इसकी दर महज 4 फीसदी थी. सोमवार को भी जोधपुर में 628 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आये थे और इससे 3 पीड़ितों की मौत हो गई थी. गत दो सप्ताह के दौरान जोधपुर में कोरोना से डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं. उल्लेखनीय है कि कोरोना की पहली लहर में भी जोधपुर शहर सबसे ज्यादा संक्रमित शहरों में शामिल था.