बुजुर्ग और बीमाराें काे 5 सरकारी अस्पतालाें में मुफ्त और 4 निजी अस्पतालाें में 250 रुपए में लगेगा टीका

60 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं 45 से ऊपर के गंभीर बीमारी वाले व्यक्तियाें काे काेराेना का टीका (कोवैक्सीन) साेमवार काे लगाया जाएगा। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक यह टीकाकरण हाेगा। जिले के 5 सरकारी अस्पतालाें में इन्हें मुफ्त टीके लगेंगे और शहर के 4 निजी अस्पतालाें में टीका लगवाने के एवज में लाेगाें काे 250 रुपए देने हाेंगे। टीकाकरण के दूसरे चरण का शुभारंभ सांसद विवेक शेजवलकर करेंगे। रविवार काे संभागायुक्त आशीष सक्सेना और सीएमएचओ डाॅ. मनीष शर्मा ने अलग-अलग बैठकें लेकर टीकाकरण अभियान की समीक्षा की।

हेल्थ वर्करों को दूसरा डोज भी लगेगा

जिन हेल्थ वर्कर्स को पहला टीका लगा था, वे साेमवार काे दूसरा टीका लगवा सकेंगे। यह सुविधा सिविल अस्पताल हेम सिंह की परेड, आयुर्वेदिक कॉलेज, कैंसर हॉस्पिटल और नवजीवन हॉस्पिटल में रहेगी। शेष अस्पतालाें में पहले के साथ दूसरी डोज भी लगेगी।

ग्वालियर में इन 9 केंद्रों पर लगेंगे टीके

ग्वालियर-चंबल में किस जिले में कितने लोगों को लगेंगे टीके

 

रजिस्ट्रेशन के लिए विकल्प कौन से हैं?

आप कोविन (Co-Win 2.0) एप और उसके वेब पोर्टल cowin.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
आरोग्य सेतु एप भी इससे जोड़ा गया है।
कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा केंद्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।

एप और पाेर्टल पर ऐसे कर सकते हैं टीके के लिए रजिस्ट्रेशन

मोबाइल में कोविन (Co-Win 2.0) एप डाउनलोड करें अथवा वेब पाेर्टल खाेलें।
अपना मोबाइल नंबर डालने पर आपके पास एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज कर नया अकाउंट बनाएं।
यहां आपको अपना नाम, उम्र, लिंग आदि जानकारी देनी होगी और एक फोटो पहचान-पत्र अपलोड करना होगा।
अगर आपकी उम्र 45 साल से ज्यादा है और आपकाे गंभीर बीमारी है तो उसका प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा।
इसके बाद आपको टीकाकरण केंद्र और तारीख का चुनाव करना होगा। आप दिन और सेंटर का चुनाव कर सकेंगे, इसका एसएमएस भी मिलेगा।
आप घर के नजदीक का सेंटर चुन सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आप अपने या किसी और के मोबाइल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

45 से 59 साल के इन बीमारी वाले लोगों को लगेंगे टीके

45 से 59 साल तक उन्हीं व्यक्तिियाें काे साेमवार काे टीका लगेगा, जाे हार्ट फेलियर, बाइपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी, हृदय संबंधी अन्य बीमारी, किडनी, लिवर, एचआईवी, थैलीसीमिया, सांस, अस्थमा से जूझ रहे हैं। मुकबधिर, दिव्यांग एवं डायबिटीज के वे मरीज भी टीका लगवा सकते हैं, जिन्हें इस बीमारी से जूझते हुए 10 साल से ज्यादा समय हो गया है। मरीजों को अपनी बीमारी का प्रमाण-पत्र रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर से बनवाकर लाना जरूरी होगा।