शहर में गुरुवार को एक भी नया मरीज नहीं मिला, सुपर स्पेशलिटी सहित अन्य अस्पतालों के कोविड वार्ड खाली

यह शहरवासियाें के धैर्य, लगातार जांच और वायरस से निरंतर लड़ी गई लड़ाई का सुखद परिणाम है कि गुरुवार काे ग्वालियर जिले में कोरोना का एक भी नया मरीज नहीं मिला। शहर में पहला मरीज मिलने के 324 दिन की अवधि में ऐसा पहली बार हुआ है। जिले में सबसे पहला संक्रमित 24 मार्च को मिला था। उस समय जिले में काेराेना की जांच की सुविधा भी नहीं थी।

जिले में 6 अप्रैल से वायरोलॉजीकल लैब में कोरोना के टेस्ट शुरू किए गए, तब से राेज नए कोरोना संक्रमित मिल रहे थे। 10 महीने और 5 दिन बाद गुरुवार को वायरोलॉजीकल लैब, जिला अस्पताल, जेएएच सहित निजी लैब में 658 संदिग्धाें की जांच में एक में भी कोरोना होने की पुष्टि नहीं हुई। उधर, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सहित जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के कोविड वार्ड खाली हाे गए हैं।

जो मरीज पिछले दिनों में संक्रमित पाए गए, वे होम क्वारेंटाइन हैं। अभी तक जिले में 17850 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 307 लोगाें की जान गई। वायरोलॉजीकल लैब के नोडल अधिकारी डॉ. वैभव मिश्रा के अनुसार हमने अंचल के 4,35,000 लोगों के सैंपल की जांच की है।

पिछले 11 दिन में सिर्फ 53 संक्रमित मिले

कोरोना की विदाई के आसार इसलिए लग रहे हैं क्याेंकि पिछले 11 दिन में महज 53 लाेग संक्रमित पाए गए। इस अवधि में कोरोना के कारण महज 2 लाेगाें की माैत हुई। जिले में कोरोना से सबसे पहले 10 मई को डबरा के गंगाराम रोहिरा की मौत हुई थी। इसके बाद मौत एवं संक्रमितों की संख्या बढ़ती गई। सितंबर में सबसे अधिक 5476 संक्रमित मिले और सबसे ज्यादा 104 लोगों की मौत हुई। दिसंबर से संक्रमितों की संख्या कम होना शुरू हुई।

कोविशील्ड: 44000 डोज मिले

कोरोना से बचाव के लिए गुरुवार को कोविशील्ड के 44 हजार डोज ग्वालियर के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के वैक्सीन हाउस में आ गए। ये डोज अंचल के 8 जिलों में बांटे जाएंगे। अफसरों का दावा है कि फिलहाल सभी जिलों के पास पर्याप्त मात्रा में डोज हैं।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब ओपीडी चालू कीजिए..

जेएएच स्थित सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल में पिछले 24 घंटे में काेराेना का एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। बीते राेज यहां भर्ती आखिरी काेविड मरीज काे भी डिस्चार्ज कर दिया गया। अब 6 मंजिला यह इमारत पूरी तरह से खाली है। फिर भी करीब 10 महीने से बंद ओपीडी काे चालू करने का निर्णय नहीं लिया गया।

काेराेना से पहले ओपीडी इस अस्पताल भवन की पहली मंजिल पर संचालित हाेती थी। यहां पदस्थ यूरोसर्जरी, नियोनेटोलॉजी और पीडियाट्रिक के सुपर स्पेशलिस्ट के पास कोई काम नहीं है। अस्पताल प्रबंधन यदि चौथी मंजिल का एक वार्ड कोविड के मरीजों के लिए आरक्षित कर दे और पूर्व की तरह पहली मंजिल पर ओपीडी काे शुरू कर दे तो मरीजों को इलाज मिलने लगेगा।

काेराेना मरीजाें के लिए एक वार्ड कर रहे चिह्नित

सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में ओपीडी शुरू करने के लिए जल्द निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल में एक वार्ड चिह्नित किया जा रहा है, जहां कोरोना मरीजाें काे भर्ती किया जाएगा।

-डॉ. देवेंद्र कुशवाह, पीआरओ जेएएच समूह