अफसर जागे तो बढ़ी संख्या 5411 को लगने थे टीके, 2909 फ्रंट लाइन वर्कर ने लगवाई वैक्सीन
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए फ्रंट लाइन वर्करों को लगाए जा रहे टीकाकरण अभियान के दूसरे दिन बुधवार को 5411 लोगों को टीके लगने थे, जिसमें से 2909 फ्रंट लाइन वर्कर ही टीका लगवाने पहुंचे। सोमवार को जहां जिले में 1424 फ्रंट लाइन वर्कर्स ने टीकाकरण कराया था। अभियान का सबसे कम टीकाकरण सोमवार को सिर्फ 23.80 फीसदी रहा था।
बुधवार को फ्रंट लाइन वर्करों को जागरूक करने के लिए संभागायुक्त आशीष सक्सैना, आईजी अविनाश शर्मा, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एसपी अिमत सांघी, निगम आयुक्त शिवम वर्मा, सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह, सीईओ जिला पंचायत किशोर कान्याल सहित कई अधिकारी टीका लगवाने पहुंचे। इससे फ्रंट लाइन वर्करों में उत्साह दिखा। बुधवार को 53.76 फीसदी टीकाकरण हुआ। 51 डोज खराब हो गए।
टीका लगवाकर 30 मिनट किया रेस्ट, फिर लग गए काम पर
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह दोपहर 12 बजे टीका लगवाने जेएएच पहुंचे और अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ से बोले- बाहर खुले में ही टीका लगवा दो, अंदर भीड़ होगी। इस पर अधीक्षक ने कहा कि प्रोटोकाॅल के हिसाब बाहर टीका नहीं लगा सकते हैं। इसके बाद कलेक्टर टीका लगवाने कमरे में पहुंचे। हंसते हुए बोले मुझे डर क्यों लग रहा है? उन्होंने टीका लगवाने के बाद 30 मिनट रेस्ट रूम में आराम किया।
नहीं आया मैसेज तो खुद पहुंचकर लिस्ट में खोजने लगे नाम
नगर निगम के आधा दर्जन कर्मचारी ऐसे थे जिनके पास टीका लगवाने का मैसेज नहीं आया तो वे टीका केंद्र पर पहुंच गए और लिस्ट लेकर अपना नाम खोजने लगे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनका लिस्ट में अगर नाम नहीं है तो आगे की लिस्ट में आ जाएगा। साहब सिंह और अच्छन खान बोले- उनका लिस्ट में नाम नहीं है। वह टीका लगवाने आए थे। अब वापस जा रहे हैं।
पोर्टल में नहीं था नाम, एंट्री कराकर लगवाए टीके
नगर निगम के कई कर्मचारी ऐसे थे जिनके पोर्टल में नाम ही नहीं थे। ऐसे 30 कर्मचारियों का पोर्टल में एंट्री कराकर उनके टीके लगाए गए। ऐसे कर्मचारियों में सबसे ज्यादा 19 कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में टीके लगवाए। कई कर्मचारियों की पोर्टल पर आधार लिंक नहीं था। इसकी जगह इन कर्मचारियों ने नगर निगम की आईडी लगा दी थी। इसलिए टीका लगवाने में स्वास्थ्य वर्करों को परेशानी हुई।