940 फ्रंट लाइनर्स के नाम के आगे एक ही मोबाइल नंबर; न मैसेज आया न ही वेरिफिकेशन हुआ, शाम 4 बजे तक 7 बूथों पर एक को भी नहीं लगा टीका
कोविड वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक गंभीर है, लेकिन अधिकारियों को शायद इससे फर्क नहीं पड़ता। नतीजा, सोमवार को ग्वालियर में शुरू हुए वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में जेएएच सेंटर के 7 बूथों पर शाम 4 बजे तक एक भी फ्रंट लाइन वर्कर को टीका नहीं लग सका। पांच से 10 लोग पहुंचे भी थे, लेकिन उनका नंबर मिल पाने के कारण वैक्सीन नहीं लग सकी है।
इस सेंटर पर पहले दिन 940 वर्कर को वैक्सीन लगनी थी, लेकिन जो लिस्ट भोपाल से आई थी, उसमें सभी नामों के सामने एक ही मोबाइल नंबर लिखा था। इस कारण न तो मैसेज आए और न ही वेरिफिकेशन के समय नंबर मिल पाए। फ्रंट लाइन वर्कर में भी वैक्सीन को लेकर उत्साह कम है। इस सेंटर पर को-वैक्सिन का टीका लगना था। अभी अन्य 16 सेंटर की डिटेल आना बाकी है।
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगना शुरू हो गई है। पहला चरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था, जिसमें 12,587 हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगनी थी, लेकिन 8342 को ही टीका लग सका था। 4,245 हेल्थ वर्कर अभी भी वैक्सीन से वंचित रह गए हैं।
सोमवार से वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसमें 19,500 फ्रंट लाइन वर्कर को टीका लगना है। फ्रंट लाइन वर्कर में नगर निगम कर्मचारी, पुलिस व अन्य फोर्स के जवान शामिल हैं। पहले दिन सोमवार को 5000 हजार फ्रंट लाइन वर्कर को टीका लगाने का टारगेट है। शाम तक जेएएच के सेंटर पर एक भी वर्कर को वैक्सीन नहीं लग सकी है। इसका कारण भोपाल से आई लिस्ट में भी गड़बड़ी बताई गई है। जिन 940 वर्कर को वैक्सीन लगनी थी, उनके सभी के नाम के सामने एक ही मोबाइल नंबर लिखा था। जिससे किसी के पास मैसेज ही नहीं पहुंचे।
38 बूथ पर 5 हजार को लगना है टीका
इसमें से जेएएच में सबसे ज्यादा बूथ रखे गए हैं। यहां 7 बूथ पर टीका लगाने का कार्यक्रम है, जबकि बीएसएफ टेकनपुर और सीआरपीएफ नयागांव पनिहार में पांच-पांच बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा आरोग्यधाम, आरजेएन अपोलो स्पैक्ट्रा, आयुर्वेदिक कॉलेज, सिविल अस्पताल हेम सिंह की परेड, हजीरा, जिला अस्पताल मुरार, जनकगंज, फालका बाजार और थाटीपुर डिस्पेंसरी,लक्ष्मीगंज प्रसूतिगृह, ईएसआई हॉस्पिटल व पाताली हनुमान स्थित डिस्पेंसरी और पीएचसी कुलैथ में भी सेंटर बनाए गए हैं।
जो छूट गए उनको 16 फरवरी को मौका
पहले चरण में जो हेल्थ वर्कर वैक्सीन लगवाने से चूक गए हैं, उनको एक और मौका मिलेगा। 16 फरवरी से पहले चरण में वैक्सीन लगवाने से छूटे 4,245 हेल्थ वर्कर के लिए एक और मौका होगा कि वह वैक्सीन लगवा सकते हैं।