वैक्सीनेशन सेंटर पर सन्नाटा, जो टीका लगवाने से चूकने वालों को मिलेगा एक और मौका

पहले दिन वैक्सीनेशन के लिए जो उत्साह देखने को मिल रहा था, वह दूसरे दिन नहीं दिखा। जेएएच और जिला अस्पताल मुरार वैक्सीनेशन सेंटर पर सन्नाटा पसरा था। दोपहर में 12 बजे तक आधा सैकड़ा के लगभग ही हेल्थ वर्कर वैक्सीन लगवाने पहुंचे, जबकि हर सेंटर पर 100-100 लोगों को कॉल व मैसेज भेजे थे। साथ ही, पहले दिन जो लोग वैक्सीन लगवाने नहीं आए या चूक गए हैं, उनको एक मौका और दिया जाएगा। यह मौका कब दिया जाएगा, फिलहाल साफ नहीं है।

ग्वालियर के 6 सेंटर पर 16 जनवरी सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश के बाद एक साथ वैक्सीनेशन शुरू हुआ था। दो सेंटर सेना और एयरफोर्स के होने के कारण वह स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्र में नहीं है। इसके बाद चार सेंटर जेएएच, जिला अस्पताल मुरार, सिविल अस्पताल डबरा व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भितरवार में वैक्सीनेशन पहले दिन हुआ था। हर सेंटर पर 100-100 लोगों को बुलाया गया था, लेकिन 50 से 55 फीसदी ही लोग चारों सेंटर पर पहुंचे थे। रविवार को इसमें अवकाश रहा। सोमवार सुबह वैक्सीनेशन के हालत पहले दिन से जुदा हैं। पहले दिन जो उत्साह देखने को मिल रहा था डॉक्टर नाच रहे थे। सोमवार को जेएएच के वैक्सीनेशन सेंटर पर सन्नाटा पसरा था।

यह थे हालात

सोमवार को वैक्सीन सेंटर के 100 मीटर बाहर के दायरे में सिक्योरिटी गार्ड अकेला खड़ा था। वैक्सीन के लिए आने वालों से पूछताछ कर उन्हें अंदर भेजना इसका काम था। वहां सन्नाटा पसरा था और गार्ड अकेला खड़ा था। सेंटर के मुख्य दरवाजों पर वेरीफिकेशन के लिए दो कर्मचारी बैठे थे। अंदर पहुंचे तो वैक्सीन लगाने वाले खाली बैठे थे। दोपहर 12 बजे तक जिले के चारों सेंटर पर सिर्फ आधा सैकड़ा लोगों के वैक्सीन लगवाने की सूचना थी।

जो वैक्सीन से चूक गए, उनके लिए क्या

जो लोग पहले दिन लिस्ट में नाम होने के बाद भी वैक्सीन लगवाने नहीं आए हैं या किसी कारणवश नहीं आ पाए हैं। अब उनका आगे क्या होगा। टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि ऐसे लोगों को गाइडलाइन के आधार पर एक मौका और दिया जाएगा। अभी यह तय नहीं है कि इनको कब दूसरा मौका दिया जाएगा। पहले चरण में तो यह दूसरा मौका संभव नहीं है।

रघुवीर बोला- दो बार आया फोन

जिनको पहले दिन टीका लगा ,था उनको 48 घंटे में फोन कर पूछा गया है कि उनको परेशानी तो नहीं है। जिले का पहला टीका लगवाने वाले सफाई कर्मचारी रघुवीर सिंह ने बताया कि शनिवार रात और रविवार शाम को उनके पास पूछताछ के लिए कॉल आए थे। उनसे पूछा गया था कि जहां टीका लगाया गया था, वहां निशान तो नहीं पड़ा। साथ ही परेशानी तो नहीं हो रही, जैसे बुखार, खांसी, खुजली आदि के बारे में पूछा।