एलिवेटेड रोड का एग्जिट लूप-100 मीटर के दायरे में नए निर्माण की अनुमति नहीं, डिजाइन बदला, सिर्फ एंट्री लूप ही रहेगा
ग्वालियर – भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित स्थल के 100 मीटर के दायरे में नए निर्माण की अनुमति नहीं दी, डिजाइन बदला, अब इस हिस्से में सिर्फ एंट्री लूप ही रहेगा। सबसे बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में शामिल एलिवेटेड रोड का डिजाइन बदलना पड़ा है। महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा (MLB) के पास प्रस्तावित एग्जिट लूप (वाहन उतारने का रास्ता) को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की अनुमति के बाद निरस्त कर दिया गया है। एएसआई ने प्रतिमा से 100 मीटर के संरक्षित क्षेत्र में नए निर्माण की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस स्थान से एलिवेटेड रोड का उतरने वाला लूप योजना से हटा दिया। हालांकि यहां वाहनों के चढ़ने के लिए प्रवेश लूप को यथावत बनाया जाएगा।
अब यहां नहीं मिलेगा उतरने का रास्ता
याद रहे कि एलिवेटेड रोड परियोजना का पहला चरण तेजी से आकार ले रहा है। प्रतिमा क्षेत्र के पास लगभग एक किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में बड़ी संख्या में पिलर तैयार हो चुके हैं और कई सुपर स्ट्रक्चर का कार्य भी आगे बढ़ चुका है। इसके बाद एप्रोच लिंक और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर के प्रमुख और घनी आबादी वाले हिस्से सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़ेंगे। एलिवेटेड रोड से आने वाले वाहन नीचे लक्ष्मीबाई प्रतिमा के पास नहीं उतर सकेंगे। वे सीधे आगे बढ़कर अन्य स्थानों से नीचे उतरेंगे और नए एग्जिट मार्ग का उपयोग करेंगे। यानी शहर के सबसे व्यस्त हिस्से से सीधे नीचे उतरने की सुविधा समाप्त हो जाएगी। इससे कुछ वाहनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
जमीन से बिजली तक अलग इंतजाम
दूसरा चरण 7.42 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर 699 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। निर्माण के दौरान जलस्तर पहुंच के 88.74 करोड़ रुपए अलग से जोड़े जाएंगे। 17 करोड़ रुपए बिजली के स्थानांतरण तथा 2 करोड़ रुपए पानी और सीवर लाइन शिफ्टिंग के लिए निर्धारित किए गए हैं। परियोजना का टेंडर जारी हो चुका है और निर्माण एजेंसी चयन/कार्य शुरू होने की प्रक्रिया में है।
250 पिलरों पर दौड़ेगी एलिवेटेड रोड
इस हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर को सहारा देने के लिए लगभग 250 पिलर बनाए जाएंगे। पहले चरण के पिलर पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जबकि दूसरे चरण में कुल मिलाकर यह कॉरिडोर लगभग 1.42 किलोमीटर लंबे अतिरिक्त लिंक से भी प्रस्तावित है, जिससे पुराने शहर के कई हिस्से एलिवेटेड रोड से जुड़ जाएंगे।