पेहसारी, अपर ककैटो से तिघरा में शिफ्ट किया जायेगा पानी, कम वर्षा से गर्मी में जल संकट के आसार
ग्वालियर. एक ओर राज्य के कई भागों में बाढ़ की स्थित बनी हुई है तो दूसरी ओर ग्वालियर में कम वर्षा से गर्मी मंें जल संकट से परेषान है। अपर ककेटो, ककैटो और पेहसारी बांध में उपलब्ध पानी को तिघरा में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि इस पानी को तिघरा में पहुंचाने के बाद भी बांध के पूरी क्षमता तक भरने की संभावना नहीं है। जल संसाधन के अधिकारियों के अनुसार शिफ्टिंग से तिघरा में लगभग 2 माह के अतिरिकत पानी की व्यवस्था हो सकेगी। तिघरा को फुल भरने के लिये अब भी अच्छी वर्षा आवश्यक है।
जल संसाधन विभाग के एसडीओ के अनुसार वर्तमान में तिघरा का जलस्तर लगभग 728.10 फीट है। जबकि बांध मंे उपयोगी पानी लगीाग 1923 एमसीएफटी बताया गया है। उपलब्ध पानी शहर की मौजूदा खपत के अनुसार से करीब 4 से 4.6 माह के लिये पर्याप्त है। ऐसे में ककैटो समूल के बांधों से पानी शिफ्ट होने पर इसमें लगभग 2 माह की और वृद्धि हो सकती है।
बारिश के जल से फुल होगा तिघरा
तिघरा में फुल जल भरने की संभावना वर्षा पर निर्भर है। यदि 250 से 300 एमएम तेज वर्षा यदि कैचमेंट इलाके में होती है तो तिघरा में तेजी से पानी की आवक बढ़ सकती है। बांध अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच सकता है। लेकिन वर्षा नही हुई तो शिफ्टिंग के बावजूद तिघरा फुल नहीं हो पायेगा। जल संसाधन विभाग के अनसार फिलहाल लक्ष्य तिघरा में उपलब्ध पानी को सुरखित रखते हुए शहर की आगामी पेयजल आवश्यकता पूरी करना है। यदि आने वाले समय में जल संकट के हालात बने हुए तो पीएचई और नगरनिगम के साथ मिलकर नयी जल आपूर्ति की प्लानिंग की जायेगी। इसमें जरूरत के मुताबिक सप्लाई के अंतराल और उपलब्ध जल के हिसाब से व्यवस्था तय की जा सकती है।
तीन बांधों से पानी लाने की तैयारी
अपर ककैटो, ककैटो और पेहसारी बांधों में मौजूद उपयोगी पानी के आंकड़ों के अनुसार अपर ककैटो में करीब 3.32 एमसीएम, ककैटो में 26.14 एमसीएम और पेहसारी में 9.94 एमसीएम लाइव पानी उपलब्ध है तीनों को मिलाकर करीब 39.40 एमसीएम पानी उपलब्ध बताया है। हालांकि तिघरा तक वास्तव में कितना पानी पहुंचाया जा सकेगा, यह शिफ्टिंग की व्यवस्था और तकनीकी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। एसडीओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि शिफ्टिंग के बाद करीब 500 से 600 एमसीएफटी पानी तिघरा में आने की संभावना है। इससे शहर के लिए लगभग दो महीने की अतिरिक्त जल उपलब्धता हो जाएगी। उन्होंने साफ किया कि केवल शिफ्टिंग के भरोसे तिघरा को फुल नहीं किया जा सकता।