एसी नहीं लगाने पर पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह के भतीजे के ऑफिस में घुसकर की मारपीट, एफआईआर दर्ज
ग्वालियर. थाना विश्वविद्यालय इलाके में एसी लगाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा मारपीट तक पहुंच गया है। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह के भतीजे अक्षयप्रताप सिंह पर ऑफिस में घुसकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी है। वहीं अक्षयप्रताप सिंह ने भी दूसरे पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने अक्षय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके बाद देर शाम को गोविंद सिंह के समर्स्थकों और परिचितों ने थाना विश्वविद्यालय का घेराव कर दिया। उनकी मांग की थी दूसरे पक्ष पर एफआईआर की जाये।
क्या है मामला
पीड़ित प्रदीप नरवरिया ने बताया कि दतिया में एसी लगाने को लेकर अक्षय प्रताप से बातचीत हुई थी। उनकी टीम को दतिया भेजा गया, लेकिन भुगतान को लेकर सहमति नहीं बनी तो टीम वापस बुला ली गई। प्रदीप का आरोप है कि इसके बाद अक्षय अपने साथी अभिमन्यु और अन्य लोगों के साथ उनके ऑफिस पहुंचे और विवाद करने लगे।
प्रदीप के मुताबिक अक्षय ने खुद को गोविंद सिंह का भतीजा बताते हुए धमकी दी कि उन्हें उठाकर ऐसी जगह ले जाकर फेंक देगा, जहां किसी को पता नहीं चलेगा। विरोध करने पर सरिए और अन्य हथियारों से हमला किया गया। हमले में उनके घुटने में तीन फ्रैक्चर हुए हैं। डॉक्टरों ने सूजन कम होने के बाद ऑपरेशन की बात कही है। प्रदीप ने घटना का सीसीटीवी फुटेज होने का दावा किया है।
2 हजार रूपये वापिस लेने गया था-अक्षय प्रताप सिंह
अक्षयप्रताप सिंह ने बताया कि आरोप गलत है। एसी लगाने के लिये उन्होंने प्रदीप को 2 हजार एडवांस दिये थे ।काम 3 हजार रूपये में तय हुआ था। लेकिन दतिया में टीम पहुंचने के बाद 4 हजार रूपये की मांग की गयी। इसके बाद उन्होनंे काम रूकवा दिया और एडवांस वापिस लेने के लिये ऑफिस पहुंचे थे। अक्षय का आरोप है कि प्रदीप ने रूपये लौआने के मना करते हुए गाली-गलौज की और मारपीट की। लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला करने से उनका दांत टूट और होंठ फट गया। उन्होंने कहा कि वायरल सीसीटीवी फुटेज अधूरा है। कांट-छांटकर जारी किया गयाहै। उनके अनुसार फुटेज में वह केवल अपना बचाव करते नजर आ रहे है। अक्षय ने पुलिस पर उनकी शिकायत पर एफआईआर दज्र नही करने का भी आरोप लगाया है।