तीसरी रेल लाइन का काम पूर्णतः की ओर, बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या और रफ्तार
ग्वालियर. झांसी से आगरा तक के बिछाई जा रही तीसरी रेल लाइन का काम अंतिम दौर में चल रहा है। 3 दिन में इस काम के पूरा होने का अनुमान है। तीसरी रेल लाईन के चालू होने जाने से ट्रेनों की रफ्तार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। अभी 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को 160 किमी की रफ्तार से गुजारा जा सकेगा और साथ ही किसी भी आपात स्थिति में ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि झांसी से आगरा तक बिछाई जा रही तीसरी लाइन का कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। झांसी से आगरा के मध्य तीसरी रेल लाइन के निर्माण का कार्य पूर्णतः की ओर है। इस खंड में आंतरी से ग्वालियर तक 22 किमी लम्बी तीसरी लाइन का निर्माण कार्य करीब पूर्ण हो चुका है। फिलहाल रायरू में NI का काम चल रहा है। यहां पर तीसरी लाइन को मेन लाइन से मिलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि फिलहाल आगरा-झांसी ट्रैक पर अप और डाउन सिर्फ 2 ही रेल लाइन है। अब नये साल पर यात्रियों को तीसरी लाइन का फायर मिलोगा। NI का काम पूरा हाते ही ष्षीघ्र ही इस खंण्ड रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया जायेगा। उनकी ओके रिपोर्ट मिलते ही इस लाइन पर रेलों का संचालन शुरू किया जायेगा। फिलहाल धौलपुर से ग्वालियरऔर झांसी से आंतरी के बीच तीसरी लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा।
रफ्तार बढ़ेगी और समय भी बचेगा
भारतीय रेल मिशन 160 की रफ्तार के लिये काम कर रहीें है। वर्तमान में LBH कोच वाली ट्रेनों की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रतिघंटा कर दी गयी है। वहीं, शताब्दी, वंदे भारत, गतिमान और राजधानी जैसी ट्रेनों की गति को 130 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 160 किमी प्रतिघंटा करने की योजना है। इसके लिये रेलवे प्रशासन ट्रैक को मजबूत और तकनीक को अपग्रेड करने पर जोर दे रही है। गति बढ़ने से दिल्ली और भोपाल जैसे प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों का यात्रा का समय 25 से 30 मिनट तक कम हो जायेगा। धौलपुर से झांसी के बीच तेज रफ्तार तेज होगी।
तीसरी लाइन का फायदा
वर्तमान में रेल दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में यातायात को रोकना पड़ता है। लेकिन तीसरी लाइन के शुरू होने से ट्रेनों को इस अतिरिक्त लाइन पर डायवर्ट किया जा सकेगा। जिससे यातायात बाधित नहीं होगा।
ओवर ट्रैफिक में कमी
तीसरी लाइन ओवर ट्रैफिक की परेशानी दूर करेगी। फिलहाल एक ट्रेन रूकने पर पीछे की ट्रेनों को भी रोकना पड़ता है। नयी लाइन बनने से ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों को डायवर्ट करके सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा।
मालगाडि़यों का संचालन
तीसरी लाइन पर मालगाडि़यों का संचालन होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में अधिक रफ्तार और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। रफ्तार ट्रेने पहले ही 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है।