युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष और टीआई के बीच हुई तीखी नोंकझोंक, किससे बात कर रहे हैं पहले परिचय लीजिये, मैं जिलाध्यक्ष हूं प्रदर्शन खत्म करने को लेकर हुई नोंकझोंक
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजकुमार आचार्य के बंगले पर मंगलवार को उस वक्त हंगामे की स्थिति निर्मित हो गयी, जब युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय यादव विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। धरनास्थल पर पुलिस पहुंची और समझाइश देने का प्रयास किया। लेकिन बात बिगड़ गयी। बहस के दौरान विजययादव ने टीआई रविन्द्र जाटव से कहा कि आप किस से बातकर रहे है। पहले परिचय लीजिये । मैं जिलाध्यक्ष हूं, इस पर दोनों के बीच तीखीं नोंकझोंक हो गयी। घटना का वीडियो भी सामने आयाहै।जिसमें साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चली और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। हालांकि, बाद में पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
छात्रों की मांग
छात्रों की मांग मुख्य मांग परीक्षा फॉर्म भरने के लिये पोर्टल लिंक को दोबारा खोलने की है। ताकि छूटे हुए छात्र भी आवेदन कर सकें। उनका कहना था कि जब परीक्षा केन्द्र को परीक्षा शुरू करने से मात्र 40 घंटे पहले बदला जा सकता है तो फॉर्म भरने की लिंक खोलने में क्या समस्या है।
रजिस्टार के नहीं मिलने पर कुलगुरू के निवास पर पहुंचे छात्र
परीक्षा में शामिल होने के लिये फार्म भरने की लिंक बन्द होने और परीक्षा से 40 घंटे पहले परीक्षा केन्द्र बदलने से छात्र परेशान है। वह मंगलवार की दोपहर रजिस्ट्रार डॉ. राजीव मिश्रा से मिलने के लिये ऑफिस पहुंचे पर वहां रजिस्ट्रार वहां नहीं थे। नाराज छात्र एनएसयूआई के दात्र नेता पारस यादव के नेतृत्व में शाम को लगभग 4 बजे कुलगुरू के निवास परद पहुंच गये। धरना-प्रदर्शन किया। वह 3 घंटे डटे रहे। धरना के बीच रजिस्ट्रार धरनास्थल पर पहुंचकर कहा कि बुधवार को फॉर्म भरने के लिये लिंक पुनः खोली जायेगी। जिससे वंचित छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
रात्रि में पुनः कुलगुरू के बंगले पहुंचे छात्र
रजिस्ट्रार के आश्वासन के बाद रात में छात्र फिर कुलगुरू के बंगले पर पहुंच गये और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस पर यूनिवर्सिटी थाना टीआई रविन्द्र जाटव घरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन खत्म करने के लिये कहा। तभी युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय यादव और उनके बीच बहस हो गयी।