ग्वालियर में तैयार होगी फायर सेफ्टी सेना – कलेक्टर
ग्वालियर – अग्नि सुरक्षा के प्रति जन-जन को जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान की पहल पर समाज के सभी वर्गों के साथ सार्थक संवाद हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जिस तरह सड़क दुर्घटना में पहला घंटा घायल व्यक्ति का जीवन बचाने के लिये अस्पताल तक पहुँचाने का गोल्डन अवर होता है, उसी तरह अग्नि दुर्घटना में कुछ सेकेंड व मिनट गोल्डन माने जाते हैं।
इसलिये हमें फायर ब्रिगेड के इंतजार में खड़े न रहकर आग बुझाने के लिये एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इससे आग लगने की छोटी सी घटना को बड़ी घटना में तब्दील होने से रोका जा सकता है। पर इसके लिये शतप्रतिशत घरों व प्रतिष्ठानों में कोई न कोई अग्निशमन यंत्र होना व उनके इस्तेमाल के तरीके आना जरूरी हैं।
अग्नि दुर्घटनाओं से सुरक्षित करने के लिये सभी के सहयोग से वॉलेंटियर प्रशिक्षित कर “फायर सेफ्टी सेना” तैयार की जायेगी। इस पर संवाद कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों ने सहमति जताई। कलेक्टर ने कहा कि फायर सेफ्टी सेना के लिये शहर के प्रत्येक बाजार, मोहल्ला, शिक्षण संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों इत्यादि के कामगारों को प्रशिक्षण दिलाकर वॉलेंटियर तैयार किए जायेंगे। एसडीआरएफ के सहयोग से अभी तक लगभग 350 सेल्फ डिफेंस वॉलेंटियर तैयार किए जा चुके हैं। ये सभी भी फायर सेफ्टी सेना के हिस्सा होंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 29 से 31 मार्च तक ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में अग्नि सुरक्षा मेला लगने जा रहा है, जिसमें अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल की बारीकियां सिखाई जायेंगीं। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी खरीदे जा सकेंगे।
संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, रहवासी संगठन, जनप्रतिनिधिगण, व्यापारिक, औद्योगिक, कोचिंग संस्थान, दुकानदार एसोसिएशन, निजी अस्पताल संचालक, एनजीओ, ट्रांसपोर्ट नगर एसोसिएशन, दवा व्यापारी संघ, आतिशबाजी विक्रेता संघ, पेट्रोल पंप संचालकगण, कृषि उपज मंडी व्यापारी व मैरिज गार्डन संगठन, समाजसेवियों, शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं फायर वॉलेंटियर ने भाग लिया।
बिजली संबंधी अग्नि दुर्घटना से बचने हर घर में अच्छी वायर व एमसीबी लगवाएं
विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक पीआर पाराशर ने संवाद कार्यक्रम में सलाह दी कि घरों में अच्छी क्वालिटी की वायरिंग व एमसीबी होना जरूरी है। जिससे शॉर्ट सर्किट होने पर आग फैलने की संभावना न्यूनतम रहेगी। उन्होंने सलाह दी कि कमरे के आकार के अनुसार प्रोपर क्षमता का एसी लगवाना चाहिए। साथ ही घरों का एसी 25-26 तापमान पर चलाएं। कम तापमान पर लगातार एसी चलाने से कंप्रेसर गर्म होकर ब्लास्ट हो सकता है। उन्होंने घटिया क्वालिटी के सफेद बिजली तार इस्तेमाल न करने का आह्वान भी किया।