केदारनाथ पहुंची वायुसेना, Mi-17 और चिनूक हेलिकॉप्टर से हो रहा रेस्क्यू

केदारनाथः उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की यात्रा मार्ग पर बादल फटने से हजारों तीर्थयात्री फंस गए. आनन-फानन में प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. गुरुवार की रात 11 बजे तक ऑपरेशन चला. वहीं शुक्रवार को एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है. लिनचौली से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ है. केदारनाथ धाम में फंसे यात्रियों के रेस्क्यू के लिए चिनुक हेलिकॉप्टर की मदद ली गई है. गौरीकुंड मार्ग पर लगातार पत्थर गिरने से पैदल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया.

केदारनाथ में भारी बारिश के चलते फँसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन शुरु कर दिया है. राज्य सरकार ने वायुसेना से गुरुवार को अनुरोध किया था. गुरुवार को दो हैलिकॉप्टर को राहत बचाव के काम के लिए तैनात किया गया था. गौचर हैलिपैड से एक चिनूक और एक Mi-17 लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं. मौसम ख़राब होने के चलते एयर ऑपरेशन में गुरुवार को हो रही थी थोड़ी दिक़्क़त. वायुसेना ने एरियल रेकी की.

2200 से अधिक तीर्थयात्रियों को बचाया गया
श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों को रेस्क्यू करने के लिए SDRF उत्तराखण्ड के जवानों ने गुरुवार की देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. इस दौरान मुनकटिया क्षेत्र से 450 यात्रियों को सकुशल सोनप्रयाग पहुँचाया. वर्तमान समय तक 2200 से अधिक यात्रियों को निकाला जा चुका है. आज भी रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा. वहीं रामनगर, नैनीताल के चकलुवा, हल्द्वानी के पास नाले में तेज बहाव के कारण पेड़ उखड़ गए और सड़क बह गई हैं.

हेलीकॉप्टर के जरिए हो रहा रेस्क्यू
उत्तराखंड में केदारनाथ धाम यात्रा के पैदल मार्गों में अलग-अलग जगहों पर फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों के परिजनों के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस ने हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया है. एक दिन पहले हुई अतिवृष्टि के चलते केदारनाथ धाम यात्रा पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण अलग-अलग जगहों पर फंसे यात्रियो का निरन्तर हैलीकॉप्टर और रेस्क्यू टीमों (एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला आपदा प्रबन्धन, जिला पुलिस) के सहयोग से यात्रियों को पैदल लाते हुए रेस्क्यू किया जा रहा है.