दिल्ली वालों के लिए बुरी खबर, पानी की बूंद-बूंद को पड़ सकता है तरसना
नई दिल्ली. दिल्ली में इस वक्त आम जनता के सामने भीषण संकट खड़ा हो गया है. एक ओर दिल्ली की आम जनता बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रही है, तो बिजली संकट भी खड़ा हो गया है. ऊपर से भीषण गर्मी का आलम यह है कि एक ही दिन में 33 लोगों की मौत लू की चपेट में आने से हो गई. एक तरह से देखा जाए तो दिल्ली पूरी तरह नरक में तब्दील हो गई है. दिल्ली को पानी की सप्लाई हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से होती है, मगर वहां भी इस वक्त पानी की भारी कमी है. कहने को तो हथिनीकुंड बैराज की क्षमता 10 लाख क्यूसेक है, मगर इस वक्त वहां पर महज 5568 क्यूसेक पानी मौजूद है.
अगर दिल्ली और आसपास के इलाकों में जल्द ही बारिश नहीं हुई तो दिल्ली में पानी की सप्लाई पर बहुत खराब असर पड़ सकता है और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना होगा. गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश से दिल्ली के लिए छोड़ा गया पानी ही हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में आता है. फिर इस पानी को मुनक नहर के जरिये दिल्ली भेजा जाता है. जिसे बाद में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स में भेज दिया जाता है. मीडिया की खबरों में बताया गया कि पिछले 20 साल में हथिनीकुंड बैराज में यह सबसे कम पानी की स्तर है.
वहीं भीषण गर्मी से त्राहि-त्राहि कर रहे दिल्ली के लोग एसी और कूलर के जरिये राहत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. जिससे दिल्ली में बिजली की मांग काफी तेजी से बढ़ी है. दिल्ली में बिजली की मांग बढ़कर 8,647 मेगावॉट हो गई है. बिजली कंपनियों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि दिल्ली में गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़कर 8000 मेगावॉट को पार कर जाएगी. मगर यह उससे काफी अधिक हो गई. इससे बिजली विभाग ने लोगों से गैर-जरूरी बिजली के उपकरणों को बंद रखकर बिजली को बचाने की अपील भी की है.
वहीं दिल्ली में गर्मी के कारण कम से कम 33 लोगों की मौत होने की खबर है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता है. इनमें से ज्यादातर लोग बेघरबार थे और फुटपाथों पर रहते थे. वैसे भी दिल्ली में जिस तरह की भीषण गर्मी पड़ रही है उसमें दोपहर के समय बाहर निकलना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है.