सड़क पर बस और ट्रकवालों का डर होगा खत्म! बाइक वालों के लिए बनेगी स्पेशल लेन

नई दिल्ली. आए दिन दोपहिया वाहनों (Two Wheelers) से संबंधित सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आ रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय (Road Transport Ministry) दोपहिया वाहनों के लिए डेडिकेटेड लेन बनाने की योजना पर विचार कर रहा है. मंत्रालय का कहना है कि शहरी सड़कों और हाईवे पर दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए अलग लेन, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी.

मंत्रालय का कहना है कि सड़क पर सभी तरह के वाहनों के एक साथ चलने से दुर्घटनाओं के मामले बढ़ रहे हैं. वाहन के प्रकार के अनुसार उन्हें अलग-अलग सड़क प्रदान करने से इस समस्या से निपटा जा सकता है. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 44% सड़क हादसों और मौतों में दोपहिया वाहन चालक शामिल होते हैं. इसी तरह करीब 17% सड़क दुर्घटनाओं में पैदल चलने वाले लोग शामिल होते हैं, वहीं मरने वालों में से 19% लोग पैदल यात्री होते हैं.

मंत्रालय ने जारी किया परामर्श पत्र
पैदल चलने वाले, साइकिल चालक और दोपहिया वाहन चालक सड़क दुर्घटनाओं का सबसे अधिक शिकार होते हैं. सड़क पर इनकी सुरक्षा सबसे कम होती है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार परिवहन मंत्रालय ने एक परामर्श पत्र जारी किया है जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है.

भारत में दुर्घटनाओं के आंकड़े गंभीर
भारत उन देशों की सूचि में शामिल हैं जहां सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2022’ वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 1,68,491 लोगों की जान चली गई. जबकि 4,43,366 लोग घायल हुए.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक्सप्रेसवे सहित देश के सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है और गाड़ियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है जिस वजह से सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ है. सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता, प्रति 100 दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों की संख्या से तय की जाती है. पिछले एक दशक में इसमें तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 2012 में इसकी संख्या 28.2% थी जो 2022 में बढ़कर 36.5% हो गई है.

हर घंटे 53 एक्सीडेंट
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले साल हर घंटे तकरीबन 53 एक्सीडेंट हुए और 19 मौतें हुईं. रिपोर्ट में कहा गया कि देशभर में कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1,68,491 लोगों की जान चली गई. 2022 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 11.9% की वृद्धि हुई, वहीं मौतों की संख्या भी 9.4% बढ़ गई.