आयुष इलाज में सरकार की नई पहल, दिल्ली एम्स में होगी अस्पतालों की मीटिंग, इंश्योरेंस क्लेम पर होगा बड़ा फैसला

नई दिल्ली. भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्यति को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय (Ayush Ministry) एक नई पहल करने जा रहा है. देश में आयुष चिकित्सा में ज्यादा से ज्यादा लोगों को इंश्योरेंस का लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार प्राइवेट अस्पताल मालिकों और इंश्योरेंस कंपनियों को एक मंच पर लाने जा रही है. सोमवार को एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) में इसको लेकर एक मीटिंग होने वाली है. दरअसल, देश के कई प्राइवेट अस्पतालों में आयुष इलाज की सुविधा शुरू हो चुकी है, लेकिन इंश्योरेंस क्लेम (Health Insurance Claim) मिलने में दिक्कत होती है. मंत्रालय की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा इंश्योरेंस कंपनियां (Insurance Companies) इस मुहीम से जुड़ें ताकि इसका फायदा ज्यादातर लोगों तक पहुंच सके.

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा का कहना है कि इंश्योरेंस रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया और आयुष अस्पतालों के मालिकों को एक मंच पर लेकर किसी आम राय पर सहमति बनाई जाएगी. कई अस्पतालों में आयुष इलाज में इंश्योरेंस का फायदा दिया जा रहा है. इनमें नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) से जुड़े करीब 500 अस्पताल भी शामिल हैं. लेकिन बड़े पैमाने पर आयुष हेल्थ कवरेज देने के लिए सार्वजनिक और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की पहल की जा रही है.

इंश्योरेंस कंपनियों से होगी बातचीत
सोमवार को नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में होने वाली बैठक में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के कई लोग शामिल होंगे. इसमें ज्यादातर मरीजों को इंश्योरेंस का लाभ पहुंचाने पर बातचीत होगी. अभी मरीजों को आयुष में 45 से ज्यादा मामलों में इंश्योरेंस ऑफर हो रहे हैं. मंत्रालय का कहना है कि अब भारत में विदेशों से आयुष में इलाज करवाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिनके पास उनके देश का हेल्थ इंश्योरेंस होता है. इसके लिए मंत्रालय विदेशी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से भी बात कर रहा है.

कैशलेस इलाज पर मंथन
मौजूदा समय में कई आयुष अस्पतालों में कैशलेस इलाज नहीं होता है. मरीजों को इलाज के बाद रीइंबर्समेंट करवाना होता है. यह अस्पतालों और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच यह मंथन कैशलेस इलाज को लेकर भी होगा. इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने वालों के साथ-साथ ओपीडी में इलाज करवाने वालों को भी फायदा पहुंचाने पर विमर्श होगा. इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जनता के लिए आयुष उपचारों की पहुंच को बढ़ाना है बल्कि आयुष इलाज के साथ इंश्योरेंस सेक्टर का जुड़ाव भी मजबूत करना है.