घाटकोपर हादसा: 3 दिन बाद होर्डिंग के नीचे से निकाले 2 शव
मुंबई. महाराष्ट्र के घाटकोपर में हुए होर्डिंग हादसे में मरने वालों की संख्या 16 तक पहुंच चुकी है. पेट्रोल पंप पर गिरी इस होर्डिंग को जैसे-जैसे हटाया गया तो उसमें से शव निकले. इस होर्डिंग के नीचे से कार के अंदर से दो शव निकलने तो बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई, क्योंकि मरने वाले पति-पत्नी का संबंध बॉलीवुड के मशहूर एक्टर से है. बताया जा रहा है जिनका शव होर्डिंग के नीचे से निकाला गया वह एक सेवानिवृत्त एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) मैनेजर और उनकी पत्नी थी. यह दोनों उन 16 लोगों में शामिल थे, जिनकी सोमवार को मुंबई में आई भीषण धूल भरी आंधी के दौरान 250 टन का होर्डिंग गिरने से मौत हो गई थी.
पूर्वी मुंबई में एक पेट्रोल पंप के ऊपर 100 फुट की होर्डिंग गिरने के बाद बुधवार रात रिटायर एटीसी मैनेजर 60 वर्षीय मनोज चंसोरिया और उनकी 59 वर्षीय पत्नी अनीता के शव उनकी कार के अंदर पाए गए. वे पेट्रोल पंप पर विशाल होर्डिंग गिरने के बाद मलबे में फंसे 100 अन्य लोगों में से थे. चंसोरिया इस वर्ष मार्च में मुंबई एटीसी के महाप्रबंधक के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे और दंपति जबलपुर चले गए थे.
पेट्रोल भरने रुके थे पेट्रोल पंप पर
पुलिस ने कहा कि चंसोरिया अपनी वीजा औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कुछ दिनों के लिए मुंबई में थे. उन्होंने बताया कि दंपति अपना काम पूरा करने के बाद जबलपुर वापस जा रहे थे और तूफान आने पर घाटकोपर पंप पर पेट्रोल भराने के लिए रुके थे. दंपति मुंबई से इंदौर के रास्ते जबलपुर वापस लौटने वाले थे तभी करीब 4:30 बजे वो ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर पंत नगर में एक पेट्रोल पंप में कार में पेट्रोल भरवाने के लिए रुके थे. तब वहा उनकी कार HR 26 EL 9373 होर्डिंग की चपेट में आ गई.
3 दिन बाद निकाले गए 2 शव
बताया जा रहा है कि 3 दिन बाद जो 2 शव निकाले गए वह कार्तिक आर्यन के रिश्तेदार हैं जो की इंदौर एयरपोर्ट के पूर्व डायरेक्टर मनोज चंसोरिया और उनकी वाइफ अनीता चंसोरिया के थे. दोनों जबलपुर के सिविल लाइन में स्थित मरियम चौक में रहते थे. हादसे के लगभग 56 घंटे के बाद दोनों की डेड बॉडी को बाहर निकाला गया. गुरुवार दोपहर को कार्तिक आर्यन अपने परिवार सहित सहारा शमशान पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे.
हादसे में 16 लोगों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 41 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. बचाए गए लोगों में से 34 बच गए हैं और उन्हें मुंबई के विभिन्न अस्पतालों से इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. मलबे से सभी शवों को निकाले जाने के बाद ढहने वाली जगह पर खोज और बचाव अभियान बंद कर दिया गया है. जबकि बृहन्मुंबई निगम 40×40 फीट से बड़े होर्डिंग की अनुमति नहीं देता है, यह होर्डिंग तीन गुना बड़ा था, 120×120 फीट तक फैला हुआ था और 250 टन वजन का था, चूंकि शहर समुद्र के पास है, इसलिए तेज रफ़्तार की हवाएं समुद्र तट के करीब बनी ऐसी किसी भी विशाल संरचना के लिए ख़तरा पैदा करती हैं.