कृषि फीडरों पर अधिक विद्युत प्रदाय का बहाना ले आउटसोर्स कर्मचारियों को किया गया सेवा से पृथक

ग्वालियर -मध्य प्रदेश संविदा एवं ठेका श्रमिक कर्मचारी संघ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एलके. दुबे द्वारा संगठन के पत्र के माध्यम से प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. भोपाल के संज्ञान में लाया गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्वालियर रीजन एवं भोपाल रीजन अंतर्गत 33/11 केव्ही विभिन्न उपकेंद्रो में कार्यरत आउटसोर्स (SSO) कर्मचारियों को आरोप लगाते हुए कार्य से पृथक किया गया है की M- Das पोर्टल में दर्ज 10 घंटे से ज्यादा कृषि फीडर की सप्लाई चलाई गई है जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है । अल्प वेतन भोगी अनुभवी कर्मचारियों को जोकि वर्षो से कार्यरत है को किसी प्रकार से अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया है । महाप्रबंधको एवम उपमहाप्रबंधकों द्वारा आनन – फानन में नवीन कर्मचारियों की भर्ती कर पुराने अनुभवी कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया गया है।
कृषि फीडर ज्यादा चलने का मुख्य कारण
1- यहकि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी IT cell द्वारा सप्लाई मॉनिटरिंग हेतु M Das पोर्टल बनाया गया है जिसमे सप्लाई के दो स्लॉट है प्रथम में यदि निर्धारित समय में भी सप्लाई बंद की जाती है तो 15 मिनट अधिक सप्लाई दर्ज होती है । इसी प्रकार दूसरे स्लॉट में 30 मिनट दर्ज होती है इस विसंगति के चलते उपकेंद्र ऑपरेटर को निर्धारित समय के बाद सप्लाई चालू एवं निर्धारित समय के पहले बंद करना अनिवार्य हो जाता है किंतु उपकेंद्र ऑपरेटर को कृषि सीजन के समय पोर्टल के अनुरूप कम सप्लाई संभव नही हो पाता है जिससे सप्लाई ज्यादा पोर्टल में दर्ज दिखती है जिसके कारण निर्दोष आउटसोर्स कर्मचारियों पर सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की जा रही है। जबकि इस संबंध में संगठन द्वारा कई बार कंपनी प्रबंधन का ध्यानाकर्षण करवाया गया है।
2- कृषि फीडर दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों , जंगलों से हो कर खेतों में जाते है जिसके कारण वर्षा या पक्षियों के टकराने से लाइन फॉल्ट हो जाती है और कई जगहों से जंफर निकले जाते है जिसके संधारण कार्य करने के उपरांत लाइनमैन द्वारा कृषि फीडर का 2 या 3 बार 1 मिनट या इससे कम ट्रायल लेने पर भी पोर्टल में विसंगति के कारण सप्लाई 2 से 3 घंटे सप्लाई ज्यादा दर्ज हो जाती है जोकि उपकेंद्र ऑपरेटर का इसमें किसी भी प्रकार का दोष नही है ।
कंपनी द्वारा वर्तमान में प्रतिदिन कृषि फीडरों की सप्लाई का मॉनिटरिंग की जा रहीं है जबकि पूर्व में कृषि फीडरों की मॉनिटरिंग साप्ताहिक एवं मासिक आधार पर की जाती थी जिससे किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती थी क्योंकि जितने घंटे फीडर फाल्ट होने की वजह से बंद रहता था उतने घंटे सप्लाई दूसरे दिन कृषि उपभोक्ता को दे दी जाती थी और निर्धारित अनुपात में सप्लाई का संतुलन बना रहता था ।
संगठन प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि भोपाल से मांग करता है कि सेवा से पृथक करने जैसी कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाए एवं सेवा से पृथक अनुभवी कर्मचारियों को पुनः कार्य पर रखा जाए साथ ही पोर्टल की विसंगति को दूर किया जाए और कृषि फीडर की प्रतिदिन सप्लाई मॉनिटरिंग को साप्ताहिक या मासिक रखा जाए जिससे कृषि उपभोक्ता को उचित सप्लाई दी जा सके व उपकेंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों पर अनावश्यक मानसिक दवाब न बने जिससे वह तनाव रहित होकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर सके ।
यदि कर्मचारियों को कार्य पर वापस नहीं लिया जाता है और पृथक करने जैसी कार्यवाही को रोका नही जाता है तो संगठन कड़े कदम उठाने हेतु बाध्य होगा जिसकी सम्पूर्ण जवाब देही कंपनी प्रबंधन की होगी ।