थाटीपुर पुनर्विकास -हाउसिंग बोर्ड: 679 करोड़ के 4 बड़े प्रोजेक्ट में देरी पर आयुक्त सख्त, अफसरों से मांगा हिसाब

ग्वालियर | विभागीय प्रक्रिया और दूसरे कारणों से अफसरों द्वारा लटकाए जा रहे प्रोजेक्टों के मामले में हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने संज्ञान लिया है। आयुक्त गौतम सिंह ने इसके लिए जिम्मेदार अफसरों से जवाब तलब किया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। सूत्रों के अनुसार जवाब परीक्षण के दौरान यह सिद्ध होने पर कि अफसरों की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष भूमिका प्रोजेक्ट लेट करने में है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। जिसकी सबसे पहली गाज उन्हें मिले चार्ज पर गिरेगी। गौरतलब है कि 1 अप्रैल को हाउसिंग बोर्ड: 679 करोड़ के प्रोजेक्ट पर अफसरों का ग्रहण, कोई पूरा नहीं व रह तो कोई शुरू नहीं हुआ । इसमें बताया था कि ग्वालियर में संभाग-1 एवं संभाग-2 के कार्यपालन यंत्रियों की वजह से 4 महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को पलीता लगा हुआ है। इस खबर पर हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने संज्ञान लिया है।
प्रोजेक्ट अधर में होने से घर का सपना अधूरा
हाउसिंग बोर्ड द्वारा थाटीपुर, डीडी नगर और गिरनार प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। इनमें काम काफी धीमा चल रहा है। संभाग क्रमांक-2 के प्रभारी कार्यपालन यंत्री राजेंद्र तिवारी के पास थाटीपुर पुनर्विकास, अटलकुंज-2 और गिरनार प्रोजेक्ट हैं। वहीं संभाग क्रमांक-1 की प्रभारी कार्यपालन यंत्री नीरू राजपूत के पास अटलकुंज-1 प्रोजेक्ट है। ये सभी प्रोजेक्ट अफसरों की गलत प्रक्रिया और अन्य कारणों से लटके हैं। इस कारण सैकड़ों लोगों के घर का सपना और कमर्शियल स्पेस का सपना अधूरा ही बना हुआ है।
निर्माण कार्य में लगातार देरी पर अधिकारियों से मांगे जवाब
“निर्माण कार्यों में देरी का मामला संज्ञान में लिया है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लिया जा रहा है। जो कि संतुष्टि पूर्ण न पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
गौतम सिंह, आयुक्त / हाउसिंग बोर्ड