हाईकोर्ट ने अवमानना केस में जल संसाधन विभाग के ईएनसी पर लगाई 50 हजार रूपये कॉस्ट

ग्वालियर मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने जल संसाधन विभाग के ईएनसी विनोद देवड़ा पर अवमानना के मामले में 50 हजार रूपये की कॉस्ट लगाई हैं मंगलवार को हुई सुनवाई में अधिकारी की तरफ से 24 अगस्त 2024 के आदेश का पालन करने के लिये एक सप्ताह का वक्त मांगा। हाईकोर्ट ने पहले तो जल जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की और फिर इसके बाद ईएनसी पर 50 हजार रूपये की कॉस्ट लगाई है।
स्पष्ट किया है कि यह राशि आज ही याचिकाकर्ता को दी जाये। राशि का भुगतान होने की स्थिति में ही केस लिस्ट हो पायेगा। मामले की संभावित सुनवाई अगले सप्ता में तय की गयी है। आपको बता दें कि मामला 2022 के आरआरसी के पालन से जुड़ा हुआ है। जिसका अभी तक क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। इस पर हाईकोर्ट ही 19 फरवरी 2026 को सख्त टिप्पणी करते हुए 4 सप्ताह का वक्त दे चुका था। हाईकोर्ट ने चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। यह प्रकरण प्रदीप मसूरकर बनाम कलेक्टर रूचिका चौहान का था। इस मामले में एडवोकैट रवि जैन ने पैरवी की है।
जिले के जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में इस प्रकार सैकड़ों धूल खा रहे हैं लेकिन अधिकारियों को किसी तरह का ध्यान नहीं है। कई याचिकाकर्ता 5-5 बार स्मरण पत्र देने के बाद भी प्रकरणों में अभिमत तक प्रस्तुत नहीं कर रहे है।