गजराराजा मेडिकल कॉलेज में व्यापमं कांड में बर्खास्त छात्रों को बिना बहाली, बिना अटेंडेंस और बिना परीक्षा दिए MBBS की डिग्री दी
ग्वालियर. ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय से संबंधित गजराराजा मेडिकल कॉलेज में नियमों का उल्लंघन कर डिग्री बांटने का आरोप लगा है। छात्र शाखा (यूजी) प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी और उनके सहायक पंकज कुशवाह पर आरोप है कि व्यापमं कांड में बर्खास्त छात्रों को बिना बहाली, बिना अटेंडेंस और बिना परीक्षा दिए एमबीबीएस की डिग्री दे दी गई।
16 लाख रुपए में डिग्री देने के आरोप भी लगाए गए
मामले में शाखा प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें वे जांच कमेटी द्वारा बर्खास्त एक छात्र को सफाई देते नजर आ रहे हैं। बातचीत में 16-16 लाख रुपए में डिग्री देने के आरोप भी लगाए गए हैं। पूर्व छात्र संदीप लहारिया ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत राज्यपाल से लेकर मेडिकल कॉलेज के डीन तक की है। शिकायत में जीवाजी यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और गोपनीय शाखा के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है।
30 से ज्यादा छात्र हुए थे बर्खास्त
लहारिया ने बताया कि व्यापमं मामले में करीब 150 छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें से 30 से अधिक एमबीबीएस छात्रों को बर्खास्त किया गया था, जिनमें संदीप लहारिया खुद भी शामिल हैं। उनका दावा है कि बर्खास्त छात्रों में से किसी को भी अब तक बहाल नहीं किया गया है और न ही किसी नई कमेटी ने राहत दी है। इसके बावजूद कई छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री जारी कर दी गई, जो धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।