ग्वालियर कलेक्ट्रेट पर हुए पथराव के बाद मरम्मत का कार्य शुरू
ग्वालियर. कलेक्ट्रेट पर हुए पथराव के बाद अधिकारियों ने नुकसान का आंकलन किया। एक गेट व पथराव से 35 कांच टूट गए। इन कांचों को बदलवाने का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि भीड़ भवन के अंदर प्रवेश नहीं कर सकी थी, जिसके चलते बाहर से बथराव हुआ था। इस वजह से कांच टूटे हैं। गत दिवस गुर्जर महाकुंभ के बाद ज्ञापन देते वक्त कलेक्ट्रेट पर उपद्रव हो गया था। ट्रैक्टर की टक्कर से प्रवेश द्वार (लोहे का गेट) को तोड़ दिया था और कलेक्ट्रेट पर पहुंच गए। भीड़ ने कलेक्ट्रेट पर पत्थरबाजी कर दी, जिससे खिडक़ी सहित अन्य कांच टूट गए। दूसरे दिन कलेक्ट्रेट पर बर्बादी के निशान फैले पड़े थे। पत्थर, कांच बिखरे पड़े थे। डंडे भी परिसर में पड़े थे। इसके अलावा डिवाइडर की रैलिंग भी टूटी पड़ी थी। कलेक्ट्रेट से कांच व पत्थरों की सफाई की।
टैंट का कपड़ा गायब
हड़ताल को लेकर प्रवेश द्वार पर पटवारियों का टैंट लगा हुआ था। इस टैंट को उखाड़ कर फेंक दिया गया। सुबह पटवारी फिर से हड़ताल पर बैठने के लिए पहुंचे तो उन्हें टैंट नहीं मिला। टैंट के सरिया इधर-उधर से उठाकर लाए और कपड़ा गायब था। दोपहर में फिर से नया टैंट लगाकर पटवारी हड़ताल पर बैठ गए। कलेक्ट्रेट के अधिकारी व कर्मचारियों में उपद्रव की चर्चा रही। इस पूरे घटनाक्रम को गलत ठहरा रहे थे। जब उपद्रव हुआ था, अधिकतर कर्मचारी कार्यालय के अंदर थे। पत्थरों के चलते इधर-उधर छिप गए थे।