चुनाव आयोग ने ग्वालियर चंबल समेत कई जिलों के एसपी को फटकार, कहा ऐसी कार्रवाई होगी जो मिसाल बनेगी
भोपाल. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और आयोग की फुल बेंच ने मध्य प्रदेश में पुलिस के एक्शन पर नाराजगी जताई है। आयोग ने ग्वालियर-चंबल समेत दर्जन भर जिलों के एसपी को फटकार लगाई। आयोग ने कहा है कि सभी अधिकारी राजनीति की छत्रछाया से खुद को बाहर निकालें। जानबूझकर गलती करने से बचें अन्यथा ऐसी कार्रवाई हो, जो मिसाल बनेगी।
आयोग ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के एसपी को फटकार लगाई
मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में चुनाव आयोग ने सभी कलेक्टर, एसपी की बैठक ली। प्रेजेंटेशन बैठक में आयोग के तेवर तल्ख रहे। आयोग ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के भिंड, मुरैना श्योपुर समेत अन्य जिलों के एसपी को फटकार लगाई। आयोग ने कानून व्यवस्था में कमी, आपराधिक गतिविधियों पर एक्शन के मामले में लापरवाही पर नाराजगी जताई। सुबह की पाली में पहले राउंड में हुई पुलिस एक्शन और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। आयोग ने कहा कि वे पुलिस के एक्शन से संतुष्ट नहीं है। शराब पकड़ने, स्मैक और गांजे के कारोबार पर कार्रवाई और हवाला की कारोबार पर एक्शन के मामले में खास तौर पर भी नाराजगी जताई गई।
इन पांच बिंदुओं पर आयोग का खास फोकस रहा
आयोग ने 5 बिंदुओं पर फोकस किया है। इसमें पहला पॉइंट मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर था।
आयोग ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर और एनफोर्समेंट की कार्रवाई में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गड़बड़ी के मामले में सीजर और गुंडा एक्ट पर एक्शन का असर दिखना चाहिए।
कलेक्टर, एसपी ऐसा काम करें कि राजनीतिक दलों का भरोसा प्रशासन की कार्यशैली पर रहे। मसलन, ईवीएम, मतदाता सूची समेत अन्य कार्य पर राजनीतिक दलों में शिकायत की स्थिति में न रहे। उन्हें निष्पक्ष चुनाव का भरोसा रहे।
आयोग ने मीडिया और सोशल मीडिया पर भी नजर रखने और इन पर भरोसा रखने के लिए कहा है।
संसाधनों की उपलब्धता में कमी नहीं रहनी चाहिए, ताकि चुनाव प्रभावित न हों।