आधा खाली हुआ तिघरा, जनवरी तक का पानी शेष, इसे भरने वाले बांध भी आधे खाली
ग्वालियर. मोहना-घाटीगांव में कम वर्षा के कारण अब शहर में जल संकट जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बन रही है। प्रतिदिन हो रही जलापूर्ति और तिघरा में वर्षा का पानी नहीं आने के कारण अब बांध का स्तर 50.40 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यदि प्रतिदिन पानी की आपूर्ति जारी रहती है, तो बांध में सिर्फ जनवरी तक का पानी ही शेष बचा हुआ है।
इस बांध को भरने वाले पेहसारी में भी अब सात मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम), ककैटो में 16 एमसीएम और अपर ककैटो में अपनी क्षमता का सिर्फ 6.99 यानी 3.6 एमसीएम पानी ही शेष बचा हुआ है। तिघरा बांध की कुल जल संग्रहण क्षमता 130.80 एमसीएम पानी की है, जिसमें से वर्तमान में सिर्फ 60.40 एमसीएम पानी ही शेष बचा हुआ है। शनिवार को तिघरा बांध का जल स्तर 729.38 फीट पर रहा। इसमें से रोड लगभग 12.48 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी की आपूर्ति की जाती है, जबकि एक से डेढ़ एमसीएफटी पानी लीकेज और लाइन लास में बह जाता है। ऐसे में यदि कैचमेंट एरिया में वर्षा नहीं हुई, तो शहर में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सबसे ज्यादा चिंता वाली बात यह है कि सबसे पहले अपर ककैटो डैम फुल होता है। इस डैम के भरने से ककैटो और ककैटो से पेहसारी में पानी छोड़ा जाता है। पेहसारी में पानी को स्टोर करने के बाद इसे जरूरत पड़ने पर तिघरा में लिफ्ट किया जाता है। वर्तमान में पेहसारी के सात एमसीएम स्टोरेज सहित 28.3 एमसीएम डेड स्टोरेज पानी को भी तिघरा में लिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। वहीं जलसंसाधन विभाग ने नगर निगम को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करने के लिए पत्र लिखा है।