ग्वालियर-चंबल से मिलेगी 2023 चुनाव की सत्ता की चाबी, सिंधिया-तोमर हर सप्ताह कर रहे दौरा

ग्वालियर. मिशन 2023 की तैयारी में दोनों ही पार्टियां कांग्रेस-भाजपा जुट गई हैं। दोनों दल जानते हैं कि सत्ता की चाबी ग्वालियर-चंबल अंचल से ही मिलेगी। दोनों संभागों में विधानसभा की 34 सीटें हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल ही ऐसा गढ़ है, जिसकी बदौलत कांग्रेस ने साल 2018 में 33 साल बाद ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने 26 सीटें हासिल की थी, जबकि भाजपा सात सीटों पर सिमट गई थी। यही कारण है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर हर सप्ताह ग्वालियर-चंबल अंचल का दौरा कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस हाथ से हाथ जोड़कर जनता का समर्थन जुटा रही है।

हर सप्ताह आ रहे सिंधिया, तोमर
ग्वालियर-चंबल अंचल पर भाजपा किस तरह अड़ी है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा के दो केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेन्द्र सिंह तोमर लगभग हर सप्ताह शनिवार-रविवार को ग्वालियर-चंबल का दौरा कर रहे हैं। ज्योतिरादित्य ग्वालियर तो नरेन्द्र सिंह तोमर चंबल की कमान संभाले हैं। सिंधिया गुना लोकसभा से साल 2019 में चुनाव हारने के बाद अब ग्वालियर से लोकसभा से चुनाव लड़ेंगे, यह तय माना जा रहा है।
यही कारण है कि वह हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में जाकर जनता से मिल रहे हैं। कभी किसी बच्ची को गोद में ले लेते हैं, तो कभी सड़क पार करती वृद्ध महिला का सहारा बनते हैं। विकास यात्रा में भी भाजपा ने जोर लगाया है। विकास यात्रा में विकास की बात कम मंत्री, विधायक व नेता जनसंपर्क करते ज्यादा नजर आए हैं।