भाजपा की विकास यात्रा का ग्रामीणों ने विरोध किया, ग्रामीण बोले पानी दे नहीं पा रहे, यह कैसा विकास
मुरैना. रामपुरकलां में सोमवार को भाजपा की विकास यात्रा का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। जैसे ही यात्रा गांव में पहुंची वहां मौजूद ग्रामीणो ने भाजपा के विरोध में नारेबाजी शुरु कर दी। बता दें, कि भाजपा व कांग्रेस दोनों इन दिनों जिले में विकास यात्रा निकाल रही हैं। विकास यात्रा तो एक बहाना है, दरअसल लोगों से सम्पर्क करना है तथा इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी-अपनी पार्टी की स्थित को मजबूत करना है। इसी क्रम में रामपुरकला में भी भाजपा की विकास यात्रा पहुंची। यात्रा में भाजपा की तरफ से पूर्व विधायक मेहरवान सिंह रावत की पुत्रवधू सरला रावत, पूर्व मंडी अध्यक्ष बादशाह सिंह रावत, पूर्व जनपद सदस्य राजेन्द्र मरैया तथा संजय कक्कड़ मुख्य रुप से मौजूद थे। शासन की तरफ से एसडीएम सबलगढ़ मेघा तिवारी तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
गांव में बिजली पानी न होने से आक्रोश
रामपुरकला गांव में बिजली पानी का बेहद संकट है। यहां 200-200 केवीए के पांच ट्रांसफार्म लंबे समय से फुंके हैं जिसके कारण गांव में बिजली पानी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। बिजली न होने से गांव में पानी नहीं आ रहा है जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।
पेयजल योजना में भ्रष्टाचार, फूटी पड़ी टंकियां
रामपुरकलां के अर्न्तगत आने वाली सभी 12 पंचायतों के स्कूलों व आंगनवाड़ी केन्द्रों में पानी की टंकिया बनवाई गईं थीं, जिससे कि बच्चों को पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़े। लेकिन आज की स्थिति में यह टंकियां फूटी पड़ी हैं। लगभग 100 से अधिक टंकियां फूटी हैं जिसके कारण स्कूल व आंगनवाड़ी केन्दों के बच्चे पानी से वंचित हैं। एक टंकी की लागत एक लाख, 30 हजार रुपए हैं तथा इसका ठेका पाठक कन्सट्रक्शन कंपनी को दिया था लेकिन संबंधित कंपनी ने टंकियों का बहुत ही घटिया निर्माण किया जिससे टंकियां फूट गईं। कुल मिलाकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का यह प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
पदाधिकारियों की हुई किरकिरी
विकास यात्रा में ग्रामीणों द्वारा भाजपा विरोधी नारे लगाने से माहौल गड़बड़ा गया तथा वहां मौजूद भाजपा पदाधिकारियों की काफी किरकिरी हुई, बाद में उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। उसके बाद विकास यात्रा आगे बढ़ सकी।